आजमगढ़-कोर्ट में मुख्तार अंसारी की वर्चुअल पेशी

आजमगढ़-पुर्व विधायक माफिया मुख्तार अंसारी की मंगलवार को आजमगढ़ की एमपी-एमएलए कोर्ट नंबर तीन ओम प्रकाश वर्मा की अदालत में वर्चुअल पेशी हुई। मुख्तार के अलावा श्याम बाबू पासी व राजन पासी भी कोर्ट में मौजूद रहे। इस दौरान श्याम बाबू पासी पर हत्या का आरोप सिद्ध किया गया और फरार चल रहे अनुज कन्नौजिया की फाइल को अलग कर दिया गया, ताकि जल्द से जल्द इस मामले में भी फैसला हो सके।

एमपी-एमएलए कोर्ट में तरवां के ऐराकला में हुए मजदूर हत्याकांड में सुनवाई अंतिम दौर में चल रही है। 2014 में तरवां थाना क्षेत्र के एराकला गांव में सड़क ठेके में वर्चस्व को लेकर मुख्तार गैंग के लोगों ने विपक्षी ठेकेदार पर फायरिंग की थी। जिसमें ठेकेदार तो बाल-बाल बच गया था लेकिन दो मजदूर गोली लगने से घायल हो गए थे। जिसमें एक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

इस मामले में माफिया मुख्तार समेत 11 पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की गई। इस मामले की सुनवाई के लिए हाई कोर्ट ने जनपद न्यायालय के कोर्ट नंबर तीन को एमपी एमएलए कोर्ट के रूप में नामित किया है। जहां लगातार सुनवाई चल रही है। मंगलवार को सुनवाई में माफिया मुख्तार बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुआ। वहीं श्याम बाबू पासी व राजन पासी स्वयं कोर्ट में उपस्थित हुए।
 

शासकीय अधिवक्ता लालबहादुर सिंह व दीपक मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को कोर्ट ने श्याम बाबू पासी को हत्या मामले में आरोप सिद्ध किया। वहीं अगली सुनवाई की तिथि तीन जून निर्धारित की। इसके साथ ही इस मामले में अब तक फरार चल रहे अनुज कनौजिया की फाइल अलग कर दी गई है। जिससे संभावना बन रही है कि इस मामले में भी कोर्ट जल्द सजा सुना सकती है।

अनुज पर गैंगस्टर के तहत कार्यवाही करते हुए पोखरी पर बने उसके मकान को पुलिस ने ध्वस्त कर दिया। अगामी तीन जून की तारीख पर माफिया मुख्तार समेत अन्य पर आरोप तय किया जाने की संभावना है। तरवा के ऐराकला में 2014 में हुई घटना में माफिया मुख्तार समेत राजेंद्र पासी, श्याम बाबू पासी, हरिकेश यादव, राजेश सिंह, मोहन पासी, राजन पासी, अभिलेष मिश्र, पंकज यादव, उमेश सिंह और अनुज कनौजिया शामिल है।

इसमें अनुज कनौजिया अभी भी फरार चल रहा है। इस मामले में 2 अप्रैल को कोर्ट ने अनुज कनौजिया की फरारी पर अंतिम कार्रवाई करते हुए कोर्ट ने 82, 83 जमानती निर्गत किया था। इसी के चलते आजमगढ़ पुलिस और मऊ प्रशासन की संयुक्त टीम ने अनुज कनौजिया की अवैध संपत्ति को ध्वस्त करने की कार्रवाई किया था।