इटावा-सरकारें आती और जाती रहती है-अखिलेश यादव के तल्ख तेवर

इटावा-लायन सफारी में एक खबरिया चैनल के रिपोर्टर संग यूपी की सियासत व चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा करते हुए सपा सुप्रीमो व पुर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा वाले हमें गुंडा, माफिया ,अपराधी कहते हैं।वे कहते हैं कि लाल टोपी वाले गुंडे है, इसीलिए मैंने मांग किया है कि जिलेवार आप अपराधियों की लिस्ट जारी कर दीजिए ताकि जनता को पता चल सके कि कि माफिया कौन है ? अखिलेश यादव ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या हम समाजवादी भाजपा की नजर में अपराधी व माफिया हैं? तो फिर बनारस, चंदौली, जौनपुर का माफिया कौन है ? यह भाजपा को बताना चाहिए। रिपोर्टर की ओर से इस बात की भी चर्चा की गई कि जब सीएम आवास आपने खाली किया तो कई विरोधाभासी बातें सामने आई, कुछ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग सोशल मीडिया पर किया गया।अब भी आप जब कभी सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हैं तो तुरंत लोग आपके पीछे पड़ जाते हैं , ऐसा क्यों ? इस पर उन्होंने कहा कि देखिए भाजपा अब नए प्रकार की राजनीति कर रही है वह बदनाम करने की राजनीत कर रही है।सीएम आवास खाली करने के प्रकरण में दो अधिकारियों तथा यूपी के 1 बड़े अखबार कारोबारी घराने ने खेला किया।लेकिन ऐसे अधिकारियों व कारोबारी घरानों को नहीं भूलना चाहिए कि सरकारे आती और जाती रहती हैं।ऐसे खेल नहीं खेलना चाहिए।उन्होंनेआगे कहा कि उक्त कारोबारी अखबार घराने ने नेताजी (मुलायम सिंह यादव)व अमर सिंह को भी धोखा देने का काम किया। अमर सिंह खुद कहते थे कि यह कारोबारी अखबार घराना किसी का नहीं है। आगे शिवपाल पर पूछा गया कि शिवपाल यादव की पार्टी का सपा में विलय होगा या फिर वे अपने सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे ? इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि हमने यह चाचा पर छोड़ दिया है कि चाचा अपने सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे या फिर हमारे सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे। एक चीज अखिलेश ने स्पष्ट कर दिया कि शिवपाल यादव की पार्टी या फिर किसी भी क्षेत्रीय पार्टी के संगठन का बिलय सपा में नहीं होगा।सीटों के बंटवारे के सवाल पर कहा कि जिताऊ प्रत्याशियों का आकलन करने के बाद सम्मानजनक तरीके से सीटें दी जाएंगी। काफी कुरेदने के बाद भी अखिलेश यादव की ओर से शिवपाल व अन्य क्षेत्रीय पार्टियों को लेकर दी जाने वाली सीटों के पत्ते नहीं खोले गए।मगर उन्होंने इतना जरूर कहा कि जिस भी दल से गठबंधन की घोषणा की गई है सबसे पहले उनसे अंदर खाने सीटों को लेकर सहमति बनाई गई है तभी साथ चुनाव लड़ने की बात कही गई।चाहे वह जयंत चौधरी हो या फिर कोई अन्य दल। रिपोर्टर की ओर से एक अन्य सवाल यह भी पूछा गया कि ओवैसी यूपी में सभाओं में कहते हैं 9 प्रतिशत यादव बिरादरी का सीएम हो सकता है तो फिर 22% मुस्लिम यूपी का मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकता है ? अखिलेश ने कहा कि देखिए मैं उनके बारे में कुछ नहीं कहूंगा लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि अल्पसंख्यकों के लिए जितनी सरकारी योजनाएं समाजवादी सरकार में चलाने का कार्य किया गया उतना किसी अन्य सरकार की ओर से नहीं किया गया।

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