गाजीपुर-अब बोरियों के जगह बोतल में मिलेगी यूरिया खाद

गाजीपुर-कृषि विभाग ने किसानों को बड़ी राहत दी है। अब किसानों को बोरियों में यूरिया खाद की बजाय बोतलों में तरल नैनो यूरिया खाद में मिलेगी। इस बाबत कृषि तकनीकी सहायक अधिकारी कृष्णाजंली सिंह ने बताया कि किसानों और बागवानी करने वालों को अब बोरियों की बजाय तरल नैनो यूरिया खाद उपलब्ध कराई जाएगी। जिसके चलते अब खाद को खेतों तक पहुंचाने में सुलभता होगी और बोरियों की जगह अब आसानी से खेतों व बगीचों तक बोतलों में खाद पहुंचेगी। बताया कि इसके अलावा किसानों को एक और बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें खाद ले जाने के लिए किसी भारी भरकम साधन की बजाय दो पहिया या साइकिल से भी खाद ले जाई जा सकेगी, क्योंकि ये बोतलबंद तरल खाद सिर्फ 500 एमएल यानी आधा लीटर की बोतल में बंद रहेगी। जबकि अब तक किसानों को बोरिया में 40 किलो यूरिया ढोकर खेतों तक ले जाना पड़ता था और कई गांवों में रास्ते आदि खराब होने से खेतों तक जाने में उन्हें काफी मशक्कत होती थी। बताया कि 40 किलो की बोरी वाली खाद एक एकड़ खेत में प्रयोग होती है, वहीं एक बोतल नैनो यूरिया को भी 215 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ खेत में डाली जाएगी। सुलभता के अलावा इस तरल खाद से फसलों की पैदावार तो बढ़ेगी ही, मिट्टी के उपजाऊ होने से मिट्टी भी खराब होने से बचेगी। कहा कि शोधकर्ताओं द्वारा सैकड़ों परीक्षण से गुजारने के बाद इस तरल खाद को खेतों के लिये बेहतर बताया गया है। कहा कि इस खाद से खेतों के उपजाऊ अवयवों में वृद्धि के साथ फसलों के पोषक तत्वों में भी सुधार होगा। वहीं क्षेत्र के किसानों का कहना है कि तकनीकी दक्षता से परिपूर्ण संवर्द्धित और संशोधित तरल खाद इस्तेमाल करने के लिए हम सब किसान बहुत उत्सुक है।

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