गाजीपुर-अभी और कितनी जान लेगा चन्द्रावती हास्पिटल

गाजीपुर-जखनिया विकासखंड का चंद्रावती हॉस्पिटल एवं हेल्थ केयर सेंटर फिर बना एक महिला की मौत का कारण। उक्त हॉस्पिटल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जखनिया से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है और जखनियां तहसील व कोतवाली के ठीक सटा हुआ है। यह हॉस्पिटल आए दिन किसी न किसी की मौत के कारण सुर्खियों में बना रहता है।विगत सोमवार को अलीपुर मंदरा निवासी गुलाब राम की पत्नी लीलावती देवी के पेट में दर्द होने के कारण तबीयत खराब हो गई थी।आनन-फानन में जब परिवार के लोगों ने उक्त हॉस्पिटल में लीलावती देवी को एडमिट कराया तो हॉस्पिटल संचालक व फर्जी झोलाछाप डॉक्टर राजेश यादव ने बताया कि पीड़ित महिला की पथरी का ऑपरेशन करना पड़ेगा तभी जाकर इसकी जान बचेगी।परिवार वालों को विश्वास में लेकर इस झोलाछाप डॉक्टर ने महिला का ऑपरेशन कर दिया।लेकिन बृहस्पतिवार को लीलावती देवी की स्थिति बिगड़ती गई। परिजनों द्वारा लगाये गये आरोप के अनुसार लीलावती देवी इस हॉस्पिटल में ही अपना दम तोड़ चुकी थी। लेकिन हॉस्पिटल संचालक राजेश ने जब समझ गया कि यह औरत मृत हो चुकी है।तो उसने परिवार वालों पर इसे बनारस बीएचयू हॉस्पिटल ले जाने के लिए दबाव बनाने लगा। और इतना ही नहीं जोर जबरदस्ती एंबुलेंस में भी उक्त महिला को डाल दिया।और अपने हॉस्पिटल की दवा पर्ची व रेफर लेटर देने से मना कर दिया। तब तक ग्रामीण वहां आकर वहां हंगामा करने लगे। मामला बिगड़ता देख हॉस्पिटल संचालक वहां से फरार हो गया।सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची फिर ग्रामीणों ने थाने पर भी हंगामा करना शुरू कर दिया।चंद्रावती हॉस्पिटल में इस प्रकार का वाक्या आए दिन देखने को मिलता है। कम से कम 20 मृतकों के परिजन थाने,तहसील,जिलाधिकारी कार्यालय,मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरना दे चुके हैं।लेकिन अब तक इस फर्जी हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ प्रशासन की तरफ से कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई है। अब देखना यह है कि इस प्रकरण में पुलिस प्रशासन क्या करता हैं।फर्जी डॉक्टर को जेल भेजती है या मामले की फिर से लीपापोती करेती है।कुछ वसूली गैंग के पत्रकार मामले को रफादफा कराने मे सक्रिय है। कोतवाल के अनुसार पीडित पक्ष की तरफ से थाना पर कोई तहरीर नहीं दिया गया है।

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