गाजीपुर-अरे ! शिक्षामित्र दुबिधा में

गाजीपुर-प्राथमिक शिक्षक संघ आज 14 सितंबर को अपने प्रांतीय नेतृत्व के आवाहन पर प्रदेश के सभी ब्लॉक संसाधन केन्द्रों पर अपने विभिन्न माँगों को लेकर धरना प्रदर्शन करने जा रहा है। इस धरना प्रदर्शन को लेकर प्रदेश के शिक्षामित्रों दो फांट होता नजर आ रहा है।रविवार को आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की एक बैठक सैदपुर तहसील के मुडियार गांव में हुई।जिसमे आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिला महामंत्री विवेक सिंह ने कहा कि 14 सितंबर को होने वाले शिक्षकों के धरने में शिक्षामित्र शामिल नहीं होंगे। जिस समय शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त हुआ और जब शिक्षा मित्रों को सबसे ज्यादा शिक्षकों की जरूरत थी उस समय शिक्षकों ने उनका साथ नहीं दिया। शिक्षामित्रों के स्कूलों में तालाबंदी के निर्णय को यदि शिक्षकों का समर्थन मिला होता तो शिक्षामित्रों का मान सम्मान वापस मिल गया होता,लेकिन शिक्षकों ने शिक्षा मित्रों का साथ नहीं दिया ।इस वजह से यह निर्णय लिया गया है । शिक्षामित्रों ने हमेशा शिक्षकों को अपने परिवार का सदस्य समझा, शिक्षकों के प्रत्येक धरने में उनका कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया लेकिन जब शिक्षामित्रों को इन के सहयोग की जरूरत पड़ी तो उन्होंने सहयोग नहीं दिया।सैदपुर ब्लॉक मंत्री विमल कुमार सिंह ने कहा कि 14 सितंबर को होने वाले शिक्षकों के धरने को शिक्षामित्रों का समर्थन नहीं रहेगा। शिक्षामित्र उस दिन विद्यालयों में शिक्षण कार्य करेंगे।दुशरे तरफ उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ जनपद गाजीपुर के जिला अध्यक्ष राम प्रताप यादव ने शिक्षामित्रों से अनुरोध किया है कि 14 सितंबर 2021 को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले ब्लॉक संसाधन केंद्रों (बीआरसी )पर धरना प्रदर्शन हो रहा है इस धरने को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश कमेटी द्वारा समर्थन देने का निर्णय लिया गया है।अतःहम सभी शिक्षामित्र अपने-अपने ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर धरने में जाएंगे तथा इस धरने को सफल बनाएंगे। शिक्षामित्रों के समायोजन को भी मांग पत्र में रखा गया है जिसका हम सभी शिक्षामित्रों को समर्थन करना चाहिए। पुरानी बातें भूल जाना ही उचित होगा। शिक्षामित्रों के धरना प्रदर्शन को शिक्षकों को समर्थन करना चाहिए था लेकिन उन्होंने नहीं किया। मगर समय और परिस्थितियां बदल चुके हैं अब हमारे पास सामंजस्य के साथ-साथ संघर्ष की आवश्यकता महसूस हो रही है ।जिस विद्यालय में हम पढ़ाते हैं उसी विद्यालय के शिक्षक विद्यालय में हमारे साथ होते हैं तो हम एक साथ पहल क्यों न करे ? कहीं न कहीं इस धरने से हमारे कि संघर्ष का भी रास्ता खुलेगा। हम बिखरे हुए शिक्षा मित्र अपनी शक्ति भूल चुके हैं यह एक शुरुआत है जिसमें हमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।अतः आप लोग 1 दिन का अवकाश लेकर इस धरना प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए यह संदेश दे कि प्रदेश का शिक्षा मित्र तथा शिक्षक संगठन एक होकर यह लड़ाई लड़ रहा है।