गाजीपुर-आधी रात को रक्तदान कर बचाया युवती की जान

गाजीपुर-शनिवार को जिला अस्पताल गाजीपुर में भर्ती 65 वर्षीय बेगम ख़ातून को एबी निगेटिव बल्ड की आवश्यकता थी। परिवार में बस केवल एक 10-12 साल की छोटी बच्ची थी।
जिसकी सुचना लगभग रात्रि 11:30 बजे समाजसेवी कुँवर विरेन्द्र सिंह ने रक्तवीर फाउंडेशन गाजीपुर के संस्थापक शीर्ष दीप शर्मा को दी । मरीज का हीमोग्लोबिन 2.4 था और हालत बहुत नाजुक थी।

तब तत्काल आधी रात को ही शीर्ष दीप शर्मा ने पड़ोस के मित्र रक्तवीर आदर्श राय जी को कॉल कर रक्तदान के लिए निवेदन किया और मरीज की नाज़ुक हालत बताई।
मरीज की नाज़ुक हालत सुन कर रक्तवीर आदर्श राय तुरन्त रक्तदान को तैयार हो गये और आधी रात को लगभग 12 बजे सिंह हास्पिटल गाजीपुर में रक्तवीर आदर्श राय जी ने बेगम ख़ातून जी के लिए रक्तदान किया।
रक्तवीर आदर्श राय जी ने आज अपना पहला रक्तदान किया।इस रक्तदान के अवसर पर रक्तवीर फाउंडेशन के संस्थापक शीर्ष दीप शर्मा ने कहा कि रक्तदान हम सभी को करना चाहिए। रक्तदान करने से हमारे शरीर में नई रक्त कोशिकाएँ बनती है। रक्तदान करने से हृदय रोग में कमी आती। थैलेसीमिया अप्लास्टिक अनैमिया आदि के मरीजो को बल्ड की बहुत आवश्यकता होती है और कैंसर से पीड़ित मरीजो को प्रति दिन SDP (प्लेटलेट्स) की आवश्यकता होती है।
जिसके लिए हर व्यक्ति को जागरूक होना चाहिये । देश की 50 करोड़ जनसंख्या रक्तदान के योग्य है। लेकिन एक प्रतिशत भारतीय ही रक्तदान करते हैं। हर साल करीब 20 लाख यूनिट खून की कमी से कई लोगों की जान चली जाती है। देश में हर साल 05 करोड़ यूनिट खून की जरूरत पड़ती है । हर रोज 1200 सड़क हादसे, हर साल 06 करोड़ ट्रॉमा ऑपरेशन, 2.5 करोड़ बड़े ऑपरेशन समेत कैंसर, प्रेग्नेंसी के कई मामलों में खून की जरूरत होती है। एक बार रक्तदान करने से 3 लोगों की जिंदगी बच सकती है। हमारे यहां 80 प्रतिशत रक्तदान स्वयंसेवियों द्वारा किया जाता है। रक्तदान से हृदयरोगों व कैंसर का खतरा कम होता है। इम्यूनिटी बढ़ती है।

समाजसेवी कुँवर विरेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत में रक्तदान को लेकर अभी तक पूरी तरह से जागरूकता आनी बाकी है। अधिकांश लोगों में अब भी यह भ्रांति फैली हुई हैं कि रक्तदान करने से शरीर में रक्त की कमी हो जाती है, जो कि बिलकुल गलत है। रक्तदान करने से रक्त बढ़ता है और शरीर में नये रक्त का संचार होता है। रक्तदान करने के बाद तकरीबन 21 दिनों के भीतर ही शरीर पुनः रक्त निर्माण कर लेता है। यह दिल को मजबूत कर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव करता है। नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है और रक्तदाता को हृदय आघात से दूर रखता है। नियमित रूप से रक्तदान करने के बाद शरीर में जो नया खून बनता है वह स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है।अब तक रक्तवीर फाउंडेशन गाजीपुर के द्वारा लगभग 500 लोगो के द्वारा रक्तदान किया जा चुका है ।

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