गाजीपुर-आन्दोलन में मृत किसानों को शहीद का दर्जा देने की माँग

गाजीपुर-संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से काले कृषि कानूनों को रद्द करों, किसानों पर दर्ज 40 हजार से ज्यादा मुकदमे वापस लो, किसान आंदोलन में शहीद किसानों के प्रति संसद में शोक संवेदना दर्ज करो,शहीद किसानों को शहीद का दर्जा देने स्मारक बनाने आदि सवालों को लेकर कामरेड सरजू पान्डेय पार्क में धरना प्रदर्शन किया।

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि, मोदी सरकार द्वारा काले कृषि कानूनों की संसद सत्र में वापसी देश में चल रहे किसान आंदोलन की बड़ी जीत है। लेकिन संसद से घोषणा की किसान आंदोलन प्रतिक्षा करेंगे। वहीं लखीमपुर खीरी में किसानो के जनसंहार के दोषी केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी और जेल भेजने की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रहे एसआईटी जांच में आन्दोलन की दमनकारी चेहरा पूर्व एसपी एम पद्धमजा को हटाने की मांग के साथ , किसान आंदोलन में अबतक जान गंवा चुके 763 से अधिक किसानों को शहीद का दर्जा देने और मुआवजा देने के साथ स्मारक बनाने व संसद सत्र में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने की मांग उठाई।

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वक्ताओं ने कहा कि अगर एम. एस. पी. की गारंटी के लिए कानून बनाने, और प्रस्तावित विजली बिल 2020 की वापसी तक यह निर्णायक संघर्ष जारी रहेगा।अगर सरकार मांगो को अभिलम्ब पूरा नहीं करती है तो हम 2022 विधानसभा चुनाव में एजेंडा बनाने, किसानों की जनसंहार के जिम्मेदार मोदी योगी सरकार को हराने का आह्वान करेंगे।
धरना-प्रदर्शन को अखिल भारतीय किसान महासभा के मोती प्रधान, ईश्वर लाल गुप्ता, डाक्टर रामबदन सिंह,बिजयबहादुर सिंह, सत्येन्द्र कुमार, राजेश वनवासी,राम अवध राम, राम शुक्ला, सीपीआई जिला सचिव अमेरिका यादव, माले जिला सचिव रामप्यारे राम, योगेन्द्र भारती, ने सम्बोधित किया अध्यक्षता जनार्दन राम, संचालन नंदकिशोर बिंद ने किया। वहीं जखनियां में अखिल भारतीय किसान महासभा के जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित 9 सुत्रीय मांग पत्र सक्षम अधिकारी को सौंपा।हंशा देवी,रामबृक्ष मौर्य, लालबहादुर बागी, उजागीर मिलन कुमार, अशोक सिंह,ने सम्बोधित किया।
भवदीय राम प्यारे राम

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