गाजीपुर-एबीएसए डा०कल्पना के बयान पर डा० दुर्गेश का पलटवार

गाजीपुर-खण्ड शिक्षा अधिकारी मरदह के द्वारा दिए गए बयान कि मरदह बी0आर0सी0 पर उनके निजी ड्राइवर के द्वारा किये गए तथाकथित दुष्कर्म वाले दिन वो घटना स्थल पर थी ही नही, ये अत्यंत ही हास्यास्पद प्रतीत होता है।क्योंकि ये सत्य है कि वो उस दिन मौके पर उपस्थित नही थी वो उस दिन प्रातः9 बजे से क्षेत्र में घूम-घूमकर विद्यालय निरीक्षण किया उसके बाद वो बी0 आर0 सी0 वापस लौटी फिर उत्तर प्रदेश सरकार लिखी बोलेरो छोड़ कर अन्य दूसरी लग्जरी कार लेकर दोपहर में ग़ाज़ीपुर आई जिसमे अपने साथ एक अन्य विकास खण्ड के खण्ड शिक्षा अधिकारी को अपने उसी लग्जरी कार में साथ लेकर वाराणसी में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रतिभाग करने के लिए निकल गयी। इसलिए इसमें कोई संदेह नही है कि वो उस दिन दोपहर में ही बी0आर0सी0 मरदह व गाजीपुर से निकल गयी थी।
इस विषय पर अपनी बात रखते हुए विशिष्ट बी0टी0सी0शिक्षक संघ के अनंत सिंह ने कहा कि विषय ये नही है कि वो वहां मौके पर रही कि नही रही बल्कि विषय है कि ड्राइवर को इतना शह देना, अधिकार देना वो विद्यालय के जिस कमरे को अपने आरामगाह व किचेन के रूप में प्रयोग करती है उसकी चाभी उस ड्राइवर को सौपना, क्लास के अंदर ड्राइवर को भेजकर बच्चों बच्चियों की फ़ोटो खिंचवाना विडिओ बनवाना और साथ मे अपना फोटो सेशन करवाना फिर उसकी मिक्सिंग कराना।
इतनी छूट और इतना अधिकार उसे कैसे दिया जा सकता है ? और वो भी उसे जो निजी चालक हो।
इसी सम्बंध में शिक्षकों का पक्ष रखते हुए विशिष्ट बी0टी0सी0शिक्षक संघ के डॉ0 दुर्गेश प्रताप सिंह ने कहा कि अगर कार्यवाही का आधार मौके पर उपस्थिति है तो क्या उक्त विद्यालय की प्रधानाध्यापक मौके पर उपस्थित थी ?
जनपद मिर्जापुर में बेसिक शिक्षा अधिकारी निलंबित हुए MDM में नमक परोसने पर तो क्या बीएसए MDM परोस रहे थे क्या ?
कुशीनगर में बेसिक शिक्षा अधिकारी निलंबित हुए ,स्कूल बस की दुर्घटना में तो क्या वहा बीएसए बस चला रहे थे क्या ?
ऐसे कई उदाहरण दिए जा सकते है इसलिए खण्ड शिक्षा अधिकारी के इस प्रकार के हास्यास्पद व तर्कहीन बयान की शिक्षक संगठन घोर निंदा करते है इस प्रकार के उल जलूल बयान देकर वो अपने को पाक साफ नही कह सकती है।

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