गाजीपुर-एलआईसी अभिकर्ताओं का रखती है पुरा ख्याल-राजेश आनंद

गाजीपुर-भारतीय जीवन बीमा निगम में जीवन के साथ भी जीवन के बाद भी के तर्ज पर अभिकर्ता के नहीं रहने के बाद भी पत्नी को आय मिलती है।जाे सरकारी नौकरी से बेहतर एजेंसी है।एलआईसी ने कोविड काल में भी अपने अभिकर्ताओं को अपने साथ जोड़े रखने के लिए बिना कागजात लिए सामान्य अभिकर्ता को भी निगम ने 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की।जिसे आने वाले समय में विभिन्न किश्तों में अदायगी की जाएगी।जिससे अभिकर्ता निगम के साथ जुड़े रहे।उक्त बातें भारतीय जीवन बीमा निगम के वाराणसी मंडल के विपणन प्रबंधक राजेश आनंद ने जखनियां कस्बा स्थित मैरिज हाल में आयोजित अभिकर्ता सम्मेलन में कहीं।कहा कि निजी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों का वेतन घटाने के साथ ही कर्मचारियों की छटनी भी कर दी। जिससे आपदा काल में अधिकांश लोग घर बैठ गए लेकिन एलआईसी ने निरंतर इन्हीं अभिकर्ताओं के साथ कोविड के नियमों का पालन करते हुए अपने को बरकरार रखा।आज के परिवेश में खतरे निरंतर बढ़ते जा रहे है।ऐसे में बीमा कवरेज की सबको जरूरत है।सभी लोग बीमा सुविधा लेकर सुरक्षित होना चाहते है।बताया कि कोविड काल के दौरान बीमा धारक की मृत्यु होने पर भी उनका भुगतान किया गया।जिस पर हमें गर्व होना चाहिए।आज कारपोरेटिव कंपनियां बीमा देने से कतरा रही है लेकिन एलआईसी सबको बीमा
देने के लिए तैयार है।वहीं निगम के अभिकर्ताओं को भी ग्रुप बीमा की सीमा को बढ़ाया गया है।एलआईसी मजबूत है तो इन्हीं अभिकर्ताओं के चलते।उन्होंने आईपीओ के बारे में भी विस्तृत जानकारी देते हुए आनंदा ऐप के माध्यम से व्यवसाय करने की जानकारी दी।मौके पर वाराणसी मंडल के डिप्टी सीएलआईए मैनेजर अनिल कुमार,विजय पाल सहित शाखा के सभी मुख्य सलाहाकार व अभिकर्ता रहे। संचालन शाखा प्रबंधक एस बी सिह ने किया।रिपोर्टर-अरविंद यादव