गाजीपुर-कर्मचारी हितों को समर्पित स्व०डीएन सिंह की मनी 59 वीं जयंती

गाजीपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री और जिलाध्यक्ष रहे कर्मचारी नेता स्वर्गीय डीएम सिंह की 59 वीं जयंती शनिवार को फुल्लनपुर स्थित आवास पर कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए श्रमिक उत्थान समिति के तत्वधान में मनाई गई। वक्ताओं ने डीएन सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्वक याद किया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक अरविंद नाथ राय ने कहा कि कर्मचारी हितों की खातिर हमेशा लड़ाई लड़ने वाले ऐसे कर्मचारी नेता आदर्श प्रतिमान स्थापित करते हैं। डीएन सिंह कर्मचारी हितों की को ही सर्वोपरि मानते थे। डीएन सिंह कर्मचारियों व असहायों मसीहा थे। उनके कार्यों व पदचिन्हों पर चलने से ही कर्मचारी तथा समाज का भला हो सकेगा। समिति के अध्यक्ष चौधरी दिनेश चंद्र राय ने उनको याद करते हुए कहा कि वह कर्मचारियों के किसी भी हद तक जाकर सम्मान के लिए लड़ाई लड़ने को तैयार रहते थे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मण्डल अध्यक्ष डीएस राय ने कर्मचारी हृदय सम्राट संगठन के पुरोधा डीएन सिंह को शत शत नमन करते हुए कहा कि आज भले हम लोगों के बीच नहीं हैं। लेकिन उनकी उपलब्धियां उनका संघर्ष उनका संगठन के प्रति त्याग आज भी जीवंत है। कर्मचारियों के समस्याओं को समाधान के लिए जनपद में तमाम ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन उनके द्वारा किया गया, जो अपने आप में बेमिसाल था।
जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारी एकता को बनाए रखना सभी का कर्तव्य है। इस बूते हर लड़ाई जीती जा सकती है। हम सभी को डीएन सिंह के बताए रास्ते पर चलते हुए संगठन की मजबूती बनाए रखना होगा। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नारायण उपाध्याय ने कहा कि कर्मचारी हितों के लिए डीएन सिंह द्वारा किए गए कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता। वह कर्मियों के सच्चे हितैषी थे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के चेयरमैन बालेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि डीएन सिंह के पदचिन्हों पर चलते हुए अपने हक- हुकूक के लिए सभी कर्मचारियों को एकजुट होकर हर संघर्ष के लिए आगे बढ़ना होगा। मीटिंग, धरना, प्रदर्शन से बचने वाली सोच को दूर करना होगा तभी कर्मचारियों को उनका हक पूरी तरह मिल सकेगा। श्रीनिवास चौबे ने डीएन सिंह को याद करते हुए कहा कि अब चुप बैठे तो बरसों के संघर्ष के बाद मिले अधिकार भी छिन जाएंगे। मजदूरों और कर्मचारियों के अधिकार बढ़ाने के बजाय हुकूमत इन्हें कम करने की साजिश रच रही है। जरूरत मुट्ठी तानने की है, ताकि हुक्मरानों को अपने फैसलों पर दुबारा विचार करने के लिए मजबूर किया जा सके। श्रम सुधारों के नाम पर मेहनतकशों के साथ गद्दारी को हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे। जयंती के मौके पर गायत्री सिंह ने गरीब छात्रों को पठन सामग्री वितरित किया और भोजन कराया गया। इस मौके पर प्रकाश चंद्र राय, रविन्द्र नाथ तिवारी, आलोक राय, राकेश पाण्डेय, अभय सिंह, गुप्तेश्वर तिवारी, प्रभुनाथ राय, अंतु गुप्ता, अजय कुमार सिंह, कृष्ण कुमार मिश्र, आशुतोष पाण्डेय, अशोक कुमार, राजीव कुमार सिंह, रमाकांत, राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे।

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