गाजीपुर-काशी क्योटो कब बनेगा ?

गाजीपुर-बड़े सपने पूरा होने में बड़ा समय भी लगता है।याद करिए मई 2014 का चुनाव परिणाम आने के तत्काल बाद से ही कांग्रेस सपा बसपा के छोटे बड़े नेताओं ने यह चिल्लाते हुए एक सुनियोजित हंगामा हुड़दंग शुरू किया था… काशी क्योटो कब बनेगा.? क्या काशी क्योटो बन गया.?
जबकि यह सभी दल विशेषकर समाजवादी पार्टी इस सच्चाई से भलीभांति परिचित थे कि मई 2014 में प्रधानमंत्री बन जाने के बावजूद भी अगले 3 सालों, मार्च 2017 तक नरेन्द्र मोदी काशी के लिए कुछ विशेष नहीं कर सके थे क्योंकि उत्तरप्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। प्रधानमंत्री मोदी का निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण तत्कालीन उत्तरप्रदेश सरकार की ब्लैकलिस्ट में काशी सबसे ऊपर था। उत्तरप्रदेश की तत्कालीन सरकार द्वारा उन 3 वर्षों के दौरान मिली प्रचुर राशि के बावजूद की गई नमामि गंगे अभियान की प्रचण्ड उपेक्षा उसका ज्वलंत प्रमाण, शर्मनाक उदाहरण है।
उन 3 वर्षों के दौरान केवल केन्द्र सरकार से संबंधित विभागों, मंत्रालयों के ही कुछ कार्य काशी में हो सके थे। अतः 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सपा बसपा ने पूरी ताकत से वही हंगामा हुड़दंग शुरू किया था… काशी क्योटो कब बनेगा.? क्या काशी क्योटो बन गया.?
लेकिन काशी की प्रबुद्ध जनता चुपचाप सब कुछ देख सुन और समझ रही थी। विधानसभा चुनाव में उसने कांग्रेस सपा बसपा का सूपड़ा साफ कर दिया था। 2019 में पुनः इन तीनों दलों की जमानत जब्त करा के काशी ने कठोर दंड दिया था। आज साढ़े चार साल बाद उसका सर्वश्रेष्ठ परिणाम सार्वजनिक रूप से दिखने लगा है।
आज स्वच्छ, दमकती मां गंगा की गोद में इठलाते जिन अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रूज, CNG से चलती नावें। विश्वस्तर के कन्वेंशन सेंटर, अत्याधुनिक मैटरनिटी हॉस्पिटल का उदघाटन प्रधानमंत्री ने किया है वो पिछले साढ़े 4 सालों के दौरान वाराणसी द्वारा तय की जा चुकी विकास यात्रा का चेहरा मात्र हैं और संदेश दे रहे हैं कि काशी अभी क्योटो भले नहीं बन सकी है लेकिन क्योटो बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ जरूर रही है। इसी गति इसी दिशा में काशी की विकास यात्रा अगर चलती रही तो काशी क्योटो के समकक्ष खड़ी हुई अवश्य दिखाई देगी। इसमें कुछ वर्षों या अधिकतम एक दशक का समय और लग सकता है क्योंकि बड़े सपने पूरा होने में बड़ा समय भी लगता है…!!!

मेरे लिए काशी की यह विकास यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है क्योंकि वो प्रधानमंत्री मोदी का निर्वाचन क्षेत्र है। इसके बजाए काशी की यह विकास यात्रा मेरे लिए इसलिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देवाधिदेव महादेव की हजारों वर्ष प्राचीन विश्वविख्यात नगरी है। पूरी दुनिया से काशी आने वाले पर्यटकों के लिए काशी हिन्दू धर्म, हजारों वर्ष प्राचीन भारतीय सभ्यता संस्कृति का चेहरा है, प्रतीक है। अतः काशी की यह ऐतिहासिक विकास यात्रा केवल काशी के नागरिकों के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया के हर कोने में रहने वाले धर्मनिष्ठ हिन्दू के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। (झून्ना सिंह के फेसबुक वाल से)