गाजीपुर-क्या ऐसे लोग भी है ?

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गाजीपुर- एक मां को उसके नवजात बच्चे से अलग कर देना न सिर्फ पाप होता है बल्कि एक अपराध भी होता है। क्योंकि एक नवजात को कम से कम 6 माह तक मां का दूध पीना उसके पोषण के लिए नितांत जरूरी होता है। लेकिन खानपुर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी कलयुगी ससुरालियों ने अपने स्वार्थ सिद्धी में मां को शारीरिक प्रताड़ना देने के साथ ही उसके नवजात बेटे से ही दूर कर दिया है। जिसके बाद पीड़िता की मां ने थानाध्यक्ष व क्षेत्राधिकारी को तहरीर देकर बच्चे को पाने की गुहार लगाई है। मामला खानपुर थानाक्षेत्र के बभनौली का है। तेतारपुर निवासिनी शीला चौबे ने क्षेत्राधिकारी व खानपुर थानाध्यक्ष को पत्र देकर बताया कि उनकी बेटी रोशनी पांडेय की शादी बभनौली निवासी अमित पांडेय से हुई है। बताया कि रोशनी को 25 दिनों पूर्व ऑपरेशन के जरिए बच्चा पैदा हुआ है। बताया कि बेडरेस्ट के बावजूद रोशनी घर का काम करती रही, जिससे वो बीमार हो गई तो 6 नवंबर की रात में सास अजीता ने उसे मारा-पीटा। जिस पर रात में ही रोशनी ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई तो उसका भाई शनि चौबे वहां पहुंचा। लेकिन ससुरालियों ने भाई समेत रोशनी को रात में ही घर से बाहर निकाल दिया और नवजात को अपने पास रख लिया। इस बीच बच्चे से अलग होने से रोशनी की तबीयत बिगड़ गई तो उसे सैदपुर स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बावजूद ससुरालियों ने नवजात को उसकी मां को नहीं दिया। पीड़िता की मां ने बेटी की तरफ से गुहार लगाई है कि नवजात को किसी भी तरह से तत्काल वापस दिलाया जाए, नहीं तो पीड़िता रोग के साथ ही शोक से दम तोड़ देगी। वहीं ये भी कहा कि इसके चलते बच्चे को मां का दूध न मिलने से उसका पोषण रूक जाएगा। उन्होंने सास समेत ससुर ओमकार व पति अमित पर बच्चे को जबरदस्ती रखने का आरोप लगाया है।

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