गाजीपुर-गुमटी में सो रहे दिव्यांग की आग में जल कर मौत

गाजीपुर-सादात रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर स्थित एक लकड़ी की गुमटी में सोमवार की रात अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस घटना में गोमती में सो रहे मोची की जिंदा जलकर मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बगैर ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

जानकारी के अनुसार सादात क्षेत्र के सरैयां निवासी मेवा राम (65) कई वर्षों से रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क किनारे शिव मंदिर के निकट गुमटी रखकर मोची का काम करता था। जूता-चप्पल बनाने के साथ ही बैग-झोला आदि की सिलाई कर परिवार का पालन-पोषण करता था। रोज की तरह सोमवार की रात भी वह गुमटी के अंदर सोया था। इसी दौरान कारणवश गुमटी में आग लग गई। घटना के दौरान चेयरमैन प्रतिनिधि राजनाथ यादव कहीं से निमंत्रण कर लौटे तो अपने आवास के सामने स्थित गुमटियों को जलते देखकर शोर मचाया। आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी मोची के परिजनों को दी। कुछ ही देर में परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक मेवा राम की जलकर मौत हो चुकी थी। पत्नी पार्वती दहाड़े मारकर चीख-पुकार करने लगी। आग की इस घटना में बगल में रखी वार्ड संख्या आठ निवासी गुरु प्रसाद पटवा की भी गुमटी और ठेला जलकर नष्ट हो गया। परिजनों ने बताया कि मेवा राम दिव्यांग था। बीते कुछ महीनों से वह अक्सर गुमटी में ही सो जाता था। इस संबंध में थानाध्यक्ष शशिचन्द्र चौधरी ने बताया कि ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं मिली है।