गाजीपुर-गुरूजी जायेंगे जेल

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गाजीपुर। कोविड -19 के चलते शिक्षण संस्थाए पिछले मार्च माह से बंद है। इन्हे पुनः 19 अक्टूबर से खोलने का फरमान सरकार द्वारा जारी कर दिया गया है। विद्यालय खोलने और उस सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सभी व्यवस्थाए पूर्ण करने के संबंध में बुधवार को जिले सभी 28 राजकीय हाई स्कूल एंव इंटरमीडिएट कालेज तथा 96 एडेड माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्यों की बैठक बुधवार को राजकीय बालिका इंटर कालेज के सभागार में हुई। इस मौके पर जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओ.पी. राय ने कहा कि जिन विद्यालयों पर थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर मशीन उपलब्ध नहीं होगी और अगर वहां कोई छात्र कोरोना से संक्रमित पाया जाता है तो उस प्रधानाचार्य के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। छात्र के इलाज में जो खर्च आएगा उसे प्रधानाचार्य को वहन करना पड़ेगा। जिस विद्यालय पर छात्र संख्या सौ से कम है। ऐसे विद्यालय एक पाली में और जहा संख्या दो सौ तक है, वहां दोनो पालियों में विद्यालय संचालित होंगे। इससे अधिक संख्या होने पर अल्टरनेट डे व्यवस्था के तहत विद्यालय संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पांच राजकीय बालिका इंटर कालेज है, जहां बालिकाओं की संख्या सौ से कम है। इन विद्यालयों पर शिक्षण कार्य एक पाली में किया जाएगा। विद्यालय के खुलने का समय 9 से 3 बजे तक होगा, लेकिन जहां दोनों पाली में चलना है, वहा समय 9 से 12 और 1 से 4 होगा। प्ररधानाचार्यों की तरफ से विद्यालय संचालन करने और व्यवस्था को लेकर कई प्रश्न उठाए गए। उसका जवाब देते हुए डा. राय ने कहा कि सभी व्ययवस्था  आप सभी को करनी है। इसमें कोई छूट नहीं है। विद्यालय खोलने से पूर्व प्रधानाचार्यों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार विद्यालय पर तैयारी करना अनिवार्य होगा। गाइड लाइन के मुताबिक विद्यालयों मे एक छात्र से दूसरे छात्र के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी होनी चाहिए। सभी छात्र-छात्राओं को मास्क एंव फेश कवर लगाना अनिवार्य होगा। हाथ धोने के लिए गेट पर साबुन और सैनिटाइजर की व्यवस्था किया जाना जरूरी होगा। हैंड ग्लब्स पहनना और आरोग्य सेतु एप का प्रयोग करना होगा। विद्यालय के अंदर घुसने से पहले छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग कराना होगा। पूरे विद्यालय को प्रतिदिन दोनों पालियो में सैनिटाइज कराना होगा। छात्रों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों सहित समस्त स्टाफ को निर्देशों का पालन करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि एक कमरे में कम से कम 15 और अधिक से अधिक 20 छात्र ही नियमानुसार बैठकर पढ़ सकते है। विद्यालय पर पेयजल की सुविधाए होनी चाहिए। शौचालय की सफाई प्रतिदिन करना अनिवार्य होगा। जिन विद्यालयों पर थर्मल स्क्रीनिंग मशीन और सैनिटाइजर मशीन नहीं है वे विद्यालय इसका प्रबंध अवश्य कर लें। इसमें कोई भी लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। इस संबंध में राजकीय हाई स्कूल सौरी के प्रधानाचार्य राम अवतार यादव ने कहा कि स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जो गाइड लाइन जारी की गई है, उसका पूर्ण रूपेण पालन करना संभव नहीं है। सभी विद्यालयों पर एक तरह की सुविधाए नहीं है। मास्क, सैनिटाइजर,  हैंड ग्लब्स, हाथ धोने के लिए साबुन रखने की व्यवस्था तो लगभग सभी विद्यालयों पर हो जाएगी, लेकिन अन्य निर्देशों के क्रियान्वयन में कठिनाई आएगी। बैठक में प्रधानाचार्य उदय राज, गोपाल सिंह, मारकंडेय यादव, छविनाथ मिश्र, हरेन्द्र कुमार, राम अवतार यादव, सीपी सिंह, जयप्रकाश गुप्ता, प्रधानाचार्य अल्फोंसा, सुधीर कुमार विश्वास, गोपीनाथ मौर्या, पायल जायसवाल, शिवजी सिंह सहित सभी प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

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