गाजीपुर-ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के लिए नई मुसीबत

गाजीपुर- लगता है बहुत जल्द ग्रामीण सफाई कर्मियों के आराम तलबी के दिन लदने वाले हैं ,क्योंकि शासन के फरमान से तो ऐसा ही लगता है ।गाजीपुर जनपद में लगभग 3500 सौ ग्रामीण सफाई कर्मचारी हैं और अधिकांशतः ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपने कार्यों के प्रति लापरवाही बरतते हैं।ग्रामीण जनता की शिकायत अक्सर रहती है कि ग्रामीण सफाई कर्मी न अपना काम करते है और न ही अपने काम पर आते है।कहीं-कहीं तो ग्रामीण सफाई कर्मचारी जब ग्राम प्रधान इन पर काम करने का दबाव बनाता है तो वह काम किसी दुशरे से पैसा देकर करते है। इस तरह की अक्सर शिकायतें ग्रामीणों से सुनने को मिलती रहती है।कहीं -कहीं तो साहब लोग इन्हें अपने आफिस मे चपरासी, अर्दली, ड्राइवर, माली बना कर रखते है।सफाई कर्मचारी भी साहब लोगों का व्यक्तिगत नौकर बनने मे इस लिए खुशी महसूस करते है कि चलो गांव की नाली साफ करने से जान बची।शासन भी सफाई कर्मियों के शिकायतों को सुनते सुनते तंग आ चुका है। ऐसे लापरवाह और कामचोर सफाई कर्मचारियों से निपटने का शासन ने एक नया फार्मूला निकाला है।इस फार्मूले के तहत सभी सफाई कर्मियों को अपना काम करते हुए यानी ग्रामीण क्षेत्रों में जहां उनकी तैनाती है वहां उनको सफाई करते हुए उसकी वीडियो और फोटो ” एंगल केम ऐप” पर डाउनलोड करना होगा ,अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उन्हें अनुपस्थित मानकर उनका वेतन काट दिया जाएगा।