गाजीपुर-जंग-ए-आजादी के शूरमा की पुण्यतिथि

गाजीपुर-खानपुर क्षेत्र के हथौड़ा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सरवन यादव की पहली पुण्यतिथि राष्ट्र गौरव के रूप में मनाई गई। लोगों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित किया। कैलाशपति पांडेय ने कहा कि देश के अमर सेनानी हमारे अमूल्य धरोहर है इसके शौर्य कथाएं आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श देशभक्ति का उदाहरण है। देश को आजादी दिलाने के लिए सरवन यादव कई बार अंग्रेजो से लोहा लिए और जेल गए। एक सौ दस वर्ष की आयु में पिछले साल कोविड संक्रमण काल में लंबी बीमारी से उनकी मृत्यु हो गई। सरवन यादव रेल लाइन उखाड़ने, पोस्टऑफिस फूंकने, हवाई अड्डा पर तोड़फोड़ करने के बाद भेष बदलकर अंग्रेज सिपाहियों को चकमा देने में माहिर थे। कार्यक्रम में तिरंगा फहराने के साथ देशभक्ति गीत गाये गए। नीरज, वरुण, जगदीश यादव, मुरारी मोहन पांडेय, प्रवेश कुमार, चंदू सिंह, वशिष्ठ यादव आदि रहे।