गाजीपुर-जनपद में कांग्रेस के एक युग का अंत

गाजीपुर। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री कमला दूबे का वाराणसी में 93 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया।शुक्रवार को मणिकर्णिका घाट वाराणसी में उनका अंतिम संस्कार हुआ।वह अपने पीछे तीन पुत्रियों और एक पुत्र का भरा पूरा परिवार छोड़ कर गई हैं।

उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुहम्मदाबाद क्षेत्र के उनके गांव के पूर्व प्रधान डा.अविनाश प्रधान ने कहा कि जमीन से अपने  संघर्ष की बदौलत उन्होंने राजनीति में अपना मुकाम बनाया।वह महिला कांग्रेस की  गाजीपुर जिलाध्यक्ष,प्रांतीय कमेटी की सदस्य रहीं। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1985 में उत्तर प्रदेश के हुए विधानसभा के चुनाव में सैदपुर सीट से पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था। मात्र कुछ मतों के अंतर से पार्टी में हुए भितरघात के कारण वह चुनाव हार गई थीं।लेकिन तब भी जनसेवा के संकल्प से नहीं डिगीं।उन्होंने कहा कि अल्पायु में ही वैधव्य जीवन मिलने के बावजूद कमला दूबे परिवार और राजनीति के बीच संतुलन बनाकर पूरे जीवन चलती रहीं ।शुरुआती दौर में गांव और पूर्व ब्लाक प्रमुख मुहम्मदाबाद मित्रसेन प्रधान के सहारे राजनीति का ककहरा सीखा और फिर उनका सफर आगे ही बढ़ता रहा।हजारों गरीबों का वृद्धावस्था, विधवा, विकलांग पेंशन कराया।सैकड़ों हैंडपंप लगवाया।अनगिनत लोगों को नौकरी दिलाई।अविनाश प्रधान ने बताया कि किसी नेता या मंत्री, अधिकारी के यहां वह बेधड़क पहुंच जाती थीं।कोई भी काम कहतीं और करा भी देतीं।बाद के दौर के अधिकारियों में तो वह माताजी का संबोधन पा चुकी थीं।उनके निधन से एक समाज सेवी के साथ अपने वसूलों पर खरा रहने वाली नेत्री को कांग्रेस और समाज ने खो दिया है। शोक व्यक्त करने वालों में चंद्रशेखर दूबे, दिग्विजय दूबे, धनंजय प्रधान, आनंद प्रधान, दिनेश प्रधान, मुकेश प्रधान, अमृत रंजन प्रधान, निशीकांत प्रधान आदि शामिल हैं।