गाजीपुर-जब जिलाधिकारी की गुस्से से आंखें हुई लाल

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गाजीपुर-जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र पर व्याप्त अव्यवस्था को देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त किया। साथ ही ओपीडी में बैठे चिकित्सकों से दवा और उपचार से संबंधित जानकारी ली। बाहर की दवाई लिखने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए जब अधीक्षक से पूछताछ की तो वह कुछ नहीं बता पाए। डेंगू वार्ड के निरीक्षण के दौरान 5 बेड की जगह 3 बेड हीं लगे मिले। स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति पंजिका जिलाधिकारी द्वारा अपने साथ ले जाने से स्वास्थ्य कर्मियों में खलबली मची हुई है। डीएम को मरीजों से पूछताछ की तो पता चला कि चिकित्सक कुछ दवाएं केंद्र की लिखते हैं तो कई दवाएं बाहर की लिखते हैं। ऐसे में दवा बाहर से खरीदना पड़ता है।इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधीक्षक डॉ आशीष राय से पूछा कि जब चिकित्सालय में सभी दवाएं हैं तो बाहर की दवा क्यों लिखी जाती है ? जिसका जवाब अधीक्षक नहीं दे पाए। इसके बाद उन्होंने दवा भंडार कक्ष का निरीक्षण कर दवाओं के स्टाक के बारे में जानकारी ली।डेंगू वार्ड के निरीक्षण में उन्होंने पाया कि वहां पांच की जगह तीन बेड ही लगाए गए हैं।इस पर उन्होंने अधीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा कि दूसरे कमरे में 5 बार ड लगाकर वार्ड को पूर्ण करने की बात कही। वही बेड पर बिछे गंदे चादर और तकिया देखकर अधीक्षक को जमकर फटकार लगाई।ओटी कक्ष में लगे टाइल्स के टूटकर हट जाने एवं गंदगी रहने पर काफी नाराजगी जताई तथा निर्देश दिया कि इसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए। निरीक्षण के दौरान पता चला कि करीब 2 माह से यहां कोई ऑपरेशन नहीं हुआ है।लैब में निरीक्षण के दौरान उन्होंने जांच के बारे में जब ब्यौरा मांगा तो संबंधित कर्मी कुछ स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। पूछताछ में पता चला कि सीएचसी के कुछ कर्मियों से दूसरे जगहों पर कार्य लिया जा रहा है।जिलाधिकारी निरीक्षण के उपरांत चिकित्सालय के उपस्थिति रजिस्टर को अपने साथ लेती गई।निरीक्षण के दौरान एसडीएम हर्षिता तिवारी ,डॉ वीरेंद्र यादव ,बीपीएम संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।

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