गाजीपुर-जाको राखे साईयां, मार सके ना कोय

गाजीपुर-जाको राखे साइयां मार सके ना कोय , यह कहावत 100% सच साबित हुई जब गंगा में एक मासूम लावारिस हालत में बहते हुए मिली। हैरानी की बात यह है कि मासूम बच्ची को लकड़ी के बॉक्स में बंद बन्द बहते पाया गया है।उस लकडी के बाक्स में कई देवी-देवताओं की फोटो के साथ ही एक जन्म कुंडली भी रखी हुई मिली, फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और उसे पुलिस आशा ज्योति केंद्र उसे ले गई। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के ददरी घाट का है। गाजीपुर सदर कोतवाली क्षेत्र के ददरी घाट में एक मासूम बच्ची लावारिस हालत में पाई गई। बच्ची गंगा में बह रहे एक लकड़ी के बॉक्स में मिली। लोगों के अनुसार ददरी घाट पर गंगा मे बहते हुए एक लकडी का बाक्स किनारे आकर लग गया।उस बॉक्स से एक मल्लाह ने किसी बच्चे की रोने की आवाज सूना तो मल्लाह ने पास जाकर देखा तो लकड़ी के बॉक्स के अंदर से किसी बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। तब तक घाट पर मौजूद कुछ अन्य लोग भी जुट गए। लोगों ने जब बॉक्स को खोला देखा तो देखकर दंग रह गए। लकड़ी के बॉक्स में एक मासूम बच्ची थी जो जोर-जोर से रो रही थी। हैरानी वाली बात यह है कि लकड़ी के बॉक्स में तमाम देवी देवताओं के फोटो लगे थे और उसमें एक जन्मकुंडली भी थी जो शायद बच्ची की ही हो जन्म कुंडली हो जन्म कुंडली में बच्ची का नाम गंगा लिखा था। लकड़ी के बॉक्स में मिली मासूम को मल्लाह अपने घर ले गया। उसके परिजन बच्ची को पालना चाहते थे लेकिन स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मल्लाह के घर पहुंची और बच्ची को आशा ज्योति केंद्र ले गई जहां मासूम का पालन पोषण किया जा रहा है। मासूम बच्ची पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित बताई जा रही है। गंगा में मिली मासूम क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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