गाजीपुर-जारी रहेगा धरना,आश्वासन नहीं चाहिए

गाजीपुर-गहमर में कोरोना काल से पूर्व रुक रही 19 जोड़ी ट्रेनों के ठहराव को रद्द कर दीए जाने के बाद पुनः ठहराव की मांग को लेकर रेल ठहराव समिति के सदस्य, भूतपूर्व सैनिक समिति एवं व्यापार मंडल द्वारा संयुक्त रुप से रविवार से रेलवे परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। तीसरे दिन जमानिया विधायक सुनीता सिंह भी धरना-प्रदर्शन में शामिल हुईं।

रेल अधिकारी एसएन ओझा कमांडेंट आरपीएफ दानापुर एवं डीसीएम व अन्य अधिकारियों द्वारा धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की गई। रेल अधिकारियों ने पंजाब मेल, विभूति एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस सहित कुल 3 ट्रेनों के जल्द ठहराव का आश्वासन देते हुए धरना समाप्त करने की बात कही। लम्बी बातचीत के बाद समिति ने आश्वासन के साथ धरना समाप्त करने से इंकार कर दिया। कहा कि पूर्व में रुक रहे करीब 5 प्रमुख ट्रेनों का ठहराव तय तिथि सहित सुनिश्चित किया जाए और रेल अधिकारियों द्वारा इसका लिखित आश्वासन दिया जाए, तब धरना समाप्त करने पर विचार किया जाएगा। वरिष्ठ भाजपा नेता परीक्षित सिंह ने कहा कि ट्रेन ठहराव के लिए शासन स्तर से प्रमुख पहल की गई है। रेल अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है। गहमर के साथ-साथ भदौरा रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेनों के ठहराव की जल्द संभावना है। उन्होंने समिति की सदस्यों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह समिति निष्पक्ष रुप से रेल ठहराव के लिए धरनारत है। लेकिन इसे कुछ तथाकथित लोगों द्वारा राजनीतिक रूप देते हुए आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए प्रदर्शन को हाईजैक करने का प्रयास किया जा रहा है, जो सरासर गलत है।

समिति के अमित सिंह सिकरवार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि डिजिटल सरकार में भी टि्वटर फेसबुक व्हाट्सएप एवं अन्य सोशल साइट और डिजिटल तरीके से हम लोगों ने गहमर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन ठहराव की मांग रखी थी, लेकिन करीब 52 हजार से ऊपर ट्वीट के बावजूद रेल मंत्रालय द्वारा एक का भी जवाब नहीं दिया गया। पिछले 8 महीनों से हम आश्वासन की घुट्टी पर ही जी रहे हैं। अब हमें ट्रेन ठहराव के अलावा कोई आश्वासन नहीं चाहिए। समिति के सदस्यों के न मानने पर वार्ता द्वारा समाधान निकालने का प्रयास कर रहे रेल अधिकारी बैरंग वापस लौट गए। इस मौके पर मारकंडेय सिंह, हृदय नारायण सिंह, अखंड गहमरी, सुधीर सिंह, संजय, आनंद मोहन, भूतपूर्व ग्राम प्रधान मुरली कुशवाहा, दुर्गा चौरसिया, हेराम सिंह, चंदन, कुणाल, महेंद्र उपाध्याय, दीपक, राजेश, मनीष सिंह बिट्टू सहित सैकड़ों लोग मौजूद हैं। संचालन कवि मिथिलेश गहमरी ने किया।