गाजीपुर-डा०मुकेश मुक्त हुए भाजपा से,जमकर निकाला भडास

गाजीपुर- भारतीय जनता पार्टी की प्रथामिक सदस्यता से आज मै अपने आप को मुक्त कर रहा हूं। कल 18 दिसंबर 2021 को जंगीपुर विधानसभा से बहुजन समाज पार्टी की सदस्या ले रहा हूं। वहीं पर अगले 2022 के चुनाव के लिए मेरे टिकट की घोषणा होगी। यह बातें कचहरी स्थित पत्रकार भवन पर आयोजित प्रेसवार्ता में डा. मुकेश सिंह ने कहा।

उन्होंने कहा कि लगभग दस साल से मैं भाजपा की सेवा कर रहा था। हर आदमी का एक स्वार्थ होता है। मेरा भी स्वार्थ था कि मैं राजनीतिक पद के माध्यम से सेवा करु। जिस तरह से गाजीपुर की भाजपा ने पिछले दस साल से मुझे दरकिनार किया। मुझे कहने में दुख हो रहा है कि भाजपा ने मुझे कभी भी अपना कार्यकर्ता नहीं माना। लगातार दस साल मेरा दोहन किया। कुर्सी तक बैठने के लिए नहीं दिया गया। जबकि लगातार मैने दस साल तक पार्टी के झंडा को बुलंद किया। जब भी टिकट या कोई पद मांगा, हमेश मुझे नजरअंदाज किया गया। दस साल तक भाजपा ने मेरे साथ भेदभाव किया। यहां तक कि मुझे माफिया परिवार का बताया गया। इससे मै बार-बार आहत हुआ। बार-बार मुझे झूठी तसल्ली देते हुए रैलियों, सभाओं में भीड़ जुटाने के साथ ही आर्थिक, हर तरह से मुझे इस्तेमाल किया गया। यह सब देख मुझे ऐसा लगा कि मेरा भविष्य यहां सुरक्षित नहीं है।

इससे मेरा मन दुखी हुआ और मैंने भारतीय जनता पार्टी छोड़ने का मन बना लिया। परिवार में जिला पंचायत अध्यक्ष, एमएलसी होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पांचों उंगलियां एक बराबर नहीं होती है। इसलिए परिवार के विचार हमेशा बराबर नहीं होते है। मेरे परिवार में एक लोग भाजपा से एमएलसी और एक जिला पंचायत अध्यक्ष है। दोनों मेरे सगे है, ऐसा नहीं कि बहुत दूर के है। वो उनकी विचारधारा है, वह यहां है और यह मेरी विचारधारा है कि मैं कही और जाऊ। इसलिए मुझे ऐसा नहीं लगता है कि मेरे कारण उनको कोई नुकसान है और उनके कारण मुझे नुकसान है। अपनी-अपनी राजनीतिक विचारधारा अलग-अलग होती है। उनको पार्टी ने सम्मान दिया है तो सम्मान के साथ पार्टी की सेवा करें, मुझे पार्टी ने सम्मान नहीं दिया, इसलिए मैं साइड हो गया।

भाजपा में खासकर गाजीपुर में तानाशाही और गोल-गैंग का रवैया है। यहां पर वही लोग आगे बढ़ते है, जो यहां लोकल पदाधिकारी के आजू-बाजू चलते है। मैं बसपा में यही सोचकर जा रहा हूं कि जिस तरह से भाजपा में दस साल तक काम किया, इसमें भी करुं। मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है बहन जी ने मुझे टिकट देकर मेरा सम्मान किया, लेकिन भारतीय पार्टी को दस साल में भी ऐसा नहीं लगा कि मैं उनके लायक हूं। गाजीपुर की भाजपा अन्य जिलों से अलग है। इनका अपना हिटलर शाही रवैया यहां पर चलता है। मेरी प्रथामिकता यह है कि यहां पर बसपा का संगठन मजबूत हो जाए। पूरे जिले में पार्टी का झंडा दिखाई दें। मैंने पार्टी को नंबर एक बनाने का संकल्प लिया है। जंगीपुर में बसपा किस कारणवश चुनाव हारी है, मैं वह कारण जानता हूं। मुझे लगता है कि उस कारण को दूर कर मैं बहुजन समाज पार्टी को यह विधानसभा सीट को दे सकता हूं।

जंगीपुर विधानसभा मे हमारे बहुत समर्थक भी है। मेरे पक्ष में वहां जो माहौल चल रहा हैं, उसको देखते हुए ही मैने दावेदारी पेश की है। एक सवाल के जवाब में श्री सिंह ने कहा कि जंगीपुर विस से दमदारी से चुनाव लड़ते हुए डा. वीरेंद्र यादव को धूल चटाते हुए पार्टी का परचम लहराऊंगा। क्योंकि जंगीपुर की जनता भी यही चाहती हैं।