गाजीपुर-तो बसपा से डा०मुकेश सिंह फाइनल

गाजीपुर-जनपद की रजनीति में बुधवार को दो नए मोड़ आए और दोनों सैदपुर से ही आये। पहला ये कि अंसारी बंधुओं के करीबी व बसपा के पूर्व चेयरमैन शशि सोनकर ने सपा की सदस्यता ले ली तो दूसरा बड़ा भूचाल भाजपा में देखने को मिला। अब तक अपना पत्ता न खोलने वाले भाजपा के कद्दावर व गाजीपुर में भाजपा को एक बार फिर से खड़ा करने का श्रेय लेने वाले डॉ. मुकेश सिंह ने भी अपना पत्ता खोल दिया और अब पूरी तरह से कमल को छोड़ हाथी की सवारी कर ली।

डॉ. मुकेश ने बुधवार को लखनऊ स्थित बसपा मुख्यालय पर बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात कर उनसे आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात के बाद अब एक बार फिर से भाजपा में मंथन शुरू हो गया है। डॉ. मुकेश ने बताया कि बसपा सुप्रीमो का जंगीपुर से चुनाव लड़ने का आशीर्वाद मिल गया है और इसी सप्ताह जंगीपुर से उनके प्रत्याशी होने की घोषणा भी हो जाएगी। अब तक भाजपा आलाकमान का सम्मान कर बिना बसपा का झंडा व बैनर लगाए चुनाव प्रचार में डटे डॉ. मुकेश के इस बड़ी मुलाकात के बाद अब तस्वीर साफ हो गई है कि वो 2022 का चुनाव हाथी पर सवार होकर लड़ेंगे और साइकिल व कमल समेत हर दल के प्रत्याशी को मतदाताओं के मतों से हाथी के नीचे कुचलने की कोशिश करेंगे। वहीं डॉ. मुकेश के हाथी की सवारी करने के बाद जहां बसपाई बेहद खुश हैं, वहीं अब तक उनका साथ निभाने वाले भाजपा कार्यकर्ता धर्मसंकट में पड़ गए हैं। हालांकि उनका ये भी कहना है कि वो पार्टी से भले जुड़े हैं लेकिन उनका व्यक्तिगत संबंध डॉ. मुकेश के साथ है।

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ऐसे में एक चुनाव के लिए वो अपना संबंध नहीं खराब करेंगे और वो इस चुनाव में डॉ. मुकेश का ही साथ देंगे। बता दें कि 2014 के पूर्व जब गाजीपुर को पूरी तरह से सपा का गढ़ माना जाता था, ऐसे समय में अमेरिका से आकर 2013 से ही भाजपा को गाजीपुर में डॉ. मुकेश ने संजीवनी दी थी। उनके करीबियों ने बताया कि उन्होंने 2014 के चुनाव में अपनी जेब से भारी धनराशि खर्च करके मनोज सिन्हा के लिए चुनाव प्रचार किया था। लेकिन जब 2017 में उनका विधानसभा टिकट कटा तो उन्हें धक्का लगा, फिर भी वो जुटे रहे। इसके बाद 2019 के चुनाव में भी उन्हें उम्मीद जगी लेकिन आखिर में वो उम्मीद भी टूट गई। लेकिन जिला पंचायत के चुनाव में उन्होंने एक बार फिर से अपनी काबिलियत भाजपा के सामने साबित करते हुए भाजपा की झोली में गाजीपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की वो सीट दे दी, जो भाजपा के खाते में अब तक कोई नहीं दे पाया था। इस बड़े उपहार के बावजूद भाजपा की तरफ से अब तक डॉ. मुकेश को जंगीपुर से कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला तो आखिरकार उन्होंने बसपा का दामन थामकर आगे बढ़ना ही बेहतर समझा। अब देखना ये है कि जंगीपुर विधानसभा सीट पर आगामी चुनाव में क्या होता है ? लेकिन डॉ. मुकेश को जंगीपुर विधानसभा मे बसपा की मजबूती पर पुरा भरोसा है।

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