गाजीपुर-दिव्यांग, विधवा व गंभीर बिमारी से ग्रस्त को भी नहीं बक्सा

गाजीपुर- यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्टीरियल ऐसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तीसरे दिन गुरुवार को भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी गाजीपुर के कार्यालय पर धरना जारी रहा। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। धरना सभा को समर्थन देने के लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अम्बिका दुबे के नेतृत्व में परिषद के शीर्ष पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

धरना सभा को सम्बोधित करते हुए परिषद के जिलाध्यक्ष अम्बिका दुबे ने स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा निर्गत स्थानांतरण आदेश को तुगलकी तबादला नीति बताते हुए कहा कि उक्त आदेश नौकरशाही की तानाशाही का निंदनीय पूर्वाग्रह से ग्रसित एवं स्थांतरण नीति 2021 के शाशनादेश के विरुद्ध है। इस आदेश में मात्र 20 प्रतिशत कर्मचारियों को ही स्थानांतरित करने का निर्देश हैं, लेकिन निदेशक द्वारा 60 प्रतिशत से भी ज़्यादा कर्मचारियों को सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया गया है। दिव्यांग, गम्भीर बीमारी से ग्रस्त व विधवा महिला लिपिकों को भी सुदूरवर्ती जिलों में स्थांतरित कर दिया गया है, जो मानवीय, शासकीय व प्रशाकीय आधार पर भी शासनादेश की मंशा के विपरीत है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद इस तुगलकी तबादला नीति की घोर निंदा करता है।

चेतावनी दिया कि यदि आंदोलनरत कर्मचारियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की उत्पीड़नात्मक कार्यवाही की गई तो इसके गम्भीर परिणाम होंगे। धरना सभा को आनंद अग्रवाल, हेमंत कुमार, शिव बली मिश्रा, मनिंदर, भुल्लन, सुनील उपाध्याय, पवन यादव, जिला मंत्री ओमप्रकाश यादव, सुभाष सिंह, जमुना यादव आदि शामिल रहे। अध्यक्षता अमित राय व संचालन मंत्री शिव बली मिश्रा ने किया।