गाजीपुर-दुष्कर्मी को 7 साल की सजा के साथ 1.4 लाख का अर्थदंड

गाजीपुर-अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम  संजय कुमार यादव की अदालत ने बुधवार को दुष्कर्म के मामले में   सुहवल निवासी लालमोहर राम को 7 साल की सश्रम कारावास के साथ ही 1 लाख 4 हजार 500 सौ रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया है तथा अर्थदंड की धनराशि से एक लाख रुपये प्रतिकर के रूप में पीड़िता को देने का आदेश दिया है।

अभियोजन के अनुसार सुहवल गांव निवासी एक महिला ने थाने में तहरीर दिया कि 15 मार्च 2013 को समय 8 बजे वह कुछ सामान लेने लालमोहर की चाची जीयछी देवी के घर गई थी। पीड़िता को जरदस्ती कमरे में बन्द कर दिया गया जहाँ आरोपी पहले से उस कमरे में मौजूद था और उसके साथ मुँहकाला किया, पिडिता के विरोध करने पर शादी का वादा करके उसके साथ निरंतर  संबंध बनाता था। 6 माह बीतने पर पीड़िता गर्भवती हो गई और समाज व लोकलाज व भय से पीड़िता को शादी का प्रलोभन देकर गर्भपात करा दिया और उससे शादी नही किया।पीड़िता के तहरीर के बाद भी पुलिस ने कोई कार्यवाही नही किया तब पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर आरोपियो के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के उपरांत पुलिस ने आरोपी लालमोहर राम, जीयछी देवी,मंशा देवी उर्फ मीना देवी, नथुनी राम,लच्छन राम व रीता राय के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत किया।अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने कुल 6 गवाहों को पेश किया, सभी ने अपना- अपना बयान न्यायालय में  दर्ज कराया। दोनो तरफ की बहस सुनने के बाद आरोपित जीयछी देवी,मंशा देवी उर्फ मीना देवी,नथुनी राम,लच्छन राम व रीता राय को सन्देह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया तथा लालमोहर राम को दोषी पाते हुए उपरोक्त सजा सुनाया।