गाजीपुर-दो मांह से बन्द ट्यूबवेल, किसान परेशान

गाजीपुर-नलकूप विभाग किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर गौर नहीं कर रहे हैं। जिले भर में सैकड़ों की संख्या में नलकूप खराब पड़े हैं। जिले के किसान परेशान हैं और बार-बार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन विभाग नलकूप ठीक नहीं करा रहा है।

जिले में सरकारी नलकूपों का जाल आज भी बिछा हुआ है, लेकिन यह जाल किसानों के लिए केवल नाम के लिए है। नलकूप विभाग के तहत जिले में 841 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। जिनमे कई दर्जन नलकूप खराब पड़े हुए हैं। इसके अलावा जखनिया ब्लाक के ग्राम सभा धामूपुर मे वर्ष 15-16 मे शहीद वीर अब्दुल हमीद के नाम से लगा नलकूप वो भी लगभग 2 महीने से खराब पड़ा हुआ है । विभागीय सूत्रों की माने तो नलकूप विभाग को एक नलकूप मेंहदीपुर ग्राम सभा मे खराब पड़ा हुआ है लेकिन इन नलकूपों के बारे में विभाग को पता ही नहीं है कि कहां हैं। यहाँ तक इन दोनों नलकूपों पर से नामोनिशान मिट चुका है।

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ऐसे में धामूपुर के क्षेत्रवासियों ने विभाग खराब नलकूपों की मरम्मत के कई बार शिकायत की गई लेकिन इसके अधिकारियों का ध्यान नहीं दे रहे हैं । धामूपुर गाँव के समाजसेवी अनिकेत चौहान इसके पहले 26 जून ट्विटर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मा योगी आदित्यनाथ जी एवं ग़ाज़ीपुर के जिला अधिकारी को ट्वीट कर चुके है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ आज फिर केंद्रीय जल मंत्री गजेंद्र सिंह शिखावत जी एवं उत्तर प्रदेश के कैबिनेट जल मंत्री महेंद्र सिंह जी को भी ट्वीट किया गया है। आगे देखा जा की क्या किया जाता है।
नलकूपों की विभाग को कोई चिंता नहीं हैं। नलकूप विभाग की इस तरह की लापरवाही के चलते जिले में सरकारी नलकूपों की सिंचाई व्यवस्था चौपट हो गई है। अगर विभागीय आकंड़ों पर गौर करेंगे तो नलकूप विभाग लाखों करोड़ों का सरकार से बजट मांगता है।

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इस समय जिले में धान की फसल की किसान रोपाई कर रहे हैं। जिले के कई इलाकों में सिंचाई की व्यवस्था नहीं है। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए दूरदराज प्राइवेट नलकूपों से ही पानी लेकर आ रहे हैं और फसलों की सिंचाई कर रहे हैं।