गाजीपुर-नंदगंज में खनन माफिया की जेसीबी हुई सीज

गाजीपुर-थाना दिवस के अवसर पर नंदगंज थाने पर सैदपुर तहसील के उपजिलाधिकारी तथा भुड़कुड़ा पुलिस सर्किल के क्षेत्राधिकारी नंदगंज थाने पर आए हुए फरियादियों की फरियाद सुन रहे थे। अचानक उसी समय उप जिलाधिकारी सैदपुर के सीयूजी नम्बर पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आता है और वह अवैध खनन के बारे में उप जिलाधिकारी को जानकारी देता है। इस जानकारी के बाद उप जिलाधिकारी ने बरहपुर हल्का लेखपाल बेनी माधव सिंह तथा नंदगंज थाने के दो पुलिसकर्मियों तथा अपने अर्दली को एसडीएम अपनी सरकारी गाड़ी से अवैध खनन वाले स्थान पर जाने का निर्देश दिया। उप जिलाधिकारी की गाड़ी जब निर्धारित स्थल पर संबंधितों को लेकर पहुंची तो उप जिलाधिकारी के गाड़ी को देखते हैं मिट्टी लदे ट्रैक्टर ट्राली से ड्राइवर मिट्टी गिराकर उबड़ खाबड़ रास्तों से ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया लेकिन जेसीबी से खनन कर रहे ड्राइवर ने जेसीबी की चाबी जेसीबी से निकालकर फरार हो गया और जेसीबी खनन स्थल पर छोड़ दिया। इसके बाद हल्का लेखपाल ने उप जिलाधिकारी को फोन पर इस घटना की जानकारी दी।इसपर उप जिलाधिकारी ने हल्का लेखपाल को वहां रुके रहने का निर्देश दिया।घंटों प्रतिक्षा के बाद भी जब जेसीबी ड्राइवर मौके पर नहीं पंहुचा तो तल्ख तेवर दिखाते हुए उपजिलाधिकारी सैदपुर ने नंदगंज थानाध्यक्ष को जेसीबी के चारों चक्का खोलकर मंगवाने का निर्देश दिया।इसके 30 मिनट बाद खुद जेसीबी चालक जेसीबी लेकर थाने पंहुचा।घटना का सबसे रोचक पहलू यह है कि दबंग खनन माफिया जबरी दलित के खेत से मिट्टी निकलवा रहा था।दलित खेत मालिक ने थाना दिवस पर दबंग खनन माफिया के खिलाफ तहरीर दिया है। अब देखना है कि नंदगंज थानाध्यक्ष दलित के तहरीर पर कार्यवाही करते है या उसके तहरीर को ठंढे बस्ते मे मे डालकर खनन माफिया को संरक्षण देते है। वैसे इस घटना से तो साफ पता चलता है कि खनन माफियाओं को सम्बंधित थानाध्यक्षों का खुला संरक्षण प्राप्त है।