गाजीपुर-निशांत सिंह पद्मश्री पुरस्कार पाते-पाते रह गये

गाजीपुर-कोविड काल मे पूरे गाजीपुर में अपनी सेवाभाव के रूप में 135 दिनों की अनवरत सेवा से खुद की पहचान बनाने वाले शेनेटाइजर मैन के रूप में निशान्त सिंह आज किसी पहचान के मोहताज नही है,खुद के पूरे शरीर के हर पार्टस को देहदान के रूप मे दान दे चुके है।निशान्त सिंह के कार्यो की सराहना भारत सरकार ने करते हुए पदम् अवार्ड में नॉमिनेट भी किया था, अभी कुछ दिन पहले ही पदम् अवार्ड में नॉमिनेशन के लिए पीएमओ ने सराहना प्रमाण पत्र भी दिया था। इसी के साथ साथ पीएम आवास योजना कम्पटीशन में पूरे हिंदुस्तान से चुने गए 11107 समाजसेवियों में निशान्त सिंह का नाम भी सुर्खियों में छाया हुवा है।पत्रकार वार्ता में निशान्त सिंह ने बताया कि स्वामी विवेकानंद जी के विचारों से प्रेरित होकर मेरा पूरा जीवन समाजहित और जनहितों के कार्यो में समर्पित है। गरीब असहायों के रहन सहन एवं खानपान एवं शिक्षा को सुधारना मेरी प्राथमिकता के रूप में है। इसके सुधार के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ इसके अलावा महामारियों में यथा सामर्थ सेवभावरूपी कार्य मैं आजीवन करता रहूंगा।