गाजीपुर-न्याय के लिए भटकती दलित महिला

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गाजीपुर-नंदगंज थानाक्षेत्र के बरहपुर गांव मे दबंगोें ने दलित का छप्पर गिरा दिया।जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से न्याय के लिए गुहार लगाया है। बरहपुर गांव के मनबढ़ दबंगों ने दरोगा,कानूनगो और लेखपाल के सामने बिना किसी पैमाईश व बिना किसी आदेश के दलित की झोपड़ी गिरा दिए और प्रशासनिक अमला मुकदर्शक बना रहा। जिसके बाबत पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाया है।पीड़िता चन्दा देवी पत्नी राजा राम ने बताया कि गांव के ही दबंग शमशेर सिंह और नन्दू सिंह से पुराना जमीनी मुकदमा सिविल न्यायालय में चलता है। जिसमे शमशेर सिंह पीड़िता की आबादी और सहन की जमीन जबरदस्ती अपने अराजी संख्या-697 का रकबा बताकर कब्जा करने के फिराक में है। पीड़िता के सहन में स्थित रिहायशी छप्पर दो अक्टूबर को दिव्यांश सिंह पुत्र शमशेर सिंह, गुड्डू पुत्र दया सिंह अपने दबंगई से नंदगंज थाना के दरोगा बलवन्ता उनके हमराहियों व क्षेत्र के लेखपाल और कानूनगो के सामने बिना पैमाइश के ही गिरा दिया था।विरोध करने पर पीड़िता के पति राजा राम को दरोगा बलवन्ता व मौजूद सिपाहियों के द्वारा जाति सूचक शब्दों के द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। इस संदर्भ में पीड़ित पक्ष ने जिला अधिकारी व पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाया था। लेकिन कोई कार्यवाई नही हुई, उसके बाद पीड़िता की बहू शीला के द्वारा उसी झोपड़ी वाली जगह पर बांस और तिरपाल से झोपड़ी बना रही थी। उसी समय फिर गाँव के दबंग पीड़िता के बहू शिला पर गोलबन्द होकर टूट पड़े और उसकी झोपड़ी फिर से तोडफ़ोड़ कर गिरा दिये। पीड़िता ने बताया की जब इसकी शिकायत लेकर वह थाना नंदगंज पहुची तो वहां पर दरोगा द्वारा उसे जाति सूचक अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए भगा दिया।

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