गाजीपुर-पूर्व शिक्षा मंत्री व गाजीपुर के मालवीय की मनी पुण्यतिथि

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गाजीपुर-पूर्व शिक्षामंत्री एवं समता कालेज सादात के संस्थापक स्व. कालीचरण यादव को उनकी पांचवी पुण्यतिथि (मृत्यु 13 नवंबर 2017) पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विद्यालय में रविवार को आयोजित एक सादे समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य रामधनी शर्मा, प्रबंधक इंजी. सभाजीत यादव, पूर्व प्राचार्य डॉ. रणजीत यादव, अभिषेक यदुवंशी, डॉ. रणवीर यादव, सर्वेश कुमार यादव, डा. विंध्याचल यादव, जितेन्द्रनाथ पाण्डेय, सुदामा विश्वकर्मा, जगदीश, वंशनरायन यादव, संतोष यादव आदि ने पूर्व शिक्षामंत्री की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

मुख्य अतिथि सर्वोदय इंटर कॉलेज हुरमुजपुर के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रामधनी शर्मा ने स्व. कालीचरण यादव के सामाजिक व राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल में शिक्षा की अलख जगाने के लिए पूर्व शिक्षामंत्री का योगदान अद्वितीय है। उन्होंने न सिर्फ जनपद अपितु पूरे प्रदेश को शिक्षा जगत में एक अलग पहचान देने का काम किया। उन्होंने राजनीतिक लाभ के चलते कभी भी सिद्धान्तों से समझौता नहीं किया। कहा कि उनकी पहचान निष्पक्षता, निर्भीकता, कर्मठता तथा समाजसेवी के रूप में रही है, जबकि आज के राजनीतिज्ञों में इन चीजों का अभाव है। समता पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर रणजीत सिंह ने कहा कि उनके बताए रास्ते पर चलना और उनके विचारों को आत्मसात करना ही सही मायने में उन्हें सच्ची श्रद्धाजंलि होगी। समता कालेज के प्रबंधक एवं उनके पुत्र इंजी. सभाजीत यादव ने अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गरीब परिवार के होने के बावजूद उन्होंने कभी भी हिम्मत नहीं हारी और जीवन पर्यंत संघर्ष करते रहे। इसी का नतीजा रहा कि शिक्षक होने के साथ ही डा. राममनोहर लोहिया के विचारों से प्रेरित होकर राजनीति में भी उतरे और प्रदेश को शिक्षामंत्री के रूप अलग पहचान दिलाने का काम किये। स्व०कालीचरण यादव गाजीपुर के मालवीय के नाम से विख्यात थे।ये पहली बार 1974 में चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व वाली भारती क्रांति दल से सादात विधानसभा से विधायक बने दुशरी बार 1977 में जनता पार्टी से विधायक बने और इनको प्रदेश का शिक्षा मंत्री बनाया गया।इसके पूर्व यह आपात काल के दौरान 17 महीना बरेली जेल मे रहे।इन्होंने पूर्वांचल के पिछड़े इलाके मे शिक्षा एक अलग ही मशाल जलाया।

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