गाजीपुर-प्रकट हुई तथाकथित जटाधारी सती माई

गाजीपुर-रविवार की सुबह सदर कोतवाली क्षेत्र के आदर्श गांव में स्थित एक नीम के पेड़ के पास सति माई के प्रगट होने का शोर शुरु हुआ। इस बात की जानकारी जिस महिला या पुरुषों को हुई, वह मौके के पर पंहने के लिए घर से निकल पड़ा। देखते ही देखते कुछ ही देर में सैकड़ों लोग वहां पहुंच गए। मौके पर नीम के पेड़ के पास लोगों को देवी मां को चौरा जैसा दृश्य दिखाई दिया। पेड़ पर सिंदूर के टिका लगा होने के साथ ही देवी कई तस्वीर भी रखी हुई थी।

जटाधारी देवी मां बार-बार दावा कर रही थी सांप डसे कई लोगों को मैने बचाया है। किसी को भी सांप डसता है तो मैं उसे जीवन दान दे सकती हुँ। भले ही चार दिन पहले ही किसी को सर्प ने क्यों न डसा हो। बार-बार कहती रहीं मेरे बारे और जानना है तो मुम्बई चलों। विभिन्न समस्याओं से परेशान लोग हाथ जोड़कर देवी मां का दर्शन-पूजन करने लगे।

इसी बीच किसी ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। कुछ ही देर में 112 पुलिस मौके पर पहुंच गई। सूचना पर बाद में सदर कोतवाल विमल मिश्रा भी वहां पहुंचे। कोरोना को देखते हुए पुलिस ने भीड़ को वहां से हटाया। देवी मां बार-बार इस बात से नाराज होती रही कि पुलिस को किसने सूचना दी। लोगों को आशीर्वाद देती हुई देवी मां अपने घर में चली गई। अचानक देवी के प्रगट होने की लोगों में चर्चा हो रही है। कुछ जहां देवी के इस रूप से सही मानते रहे। वहीं तमाम लोग इस रूप के पिछे किसी बड़े षड्यंत्र का कयास लगाते रहे। वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने बातचीत में बताया कि देवी के प्रगट होने की जानकारी होने पर हम लोग यहां आए थे, लेकिन ऐसा कोई चमत्कार नहीं दिखा। आपको बता दें कि देवी के रूप में प्रगट होने वाली महिला आदर्श गांव निवासी संदीप प्रजापति की पत्नी है। संदीप करीब ढाई वर्ष पहले पत्नी के साथ मुम्बई गए थे। मुम्बई के बोइसर के भीमनगर में रहते है। वहां पर किसी ग्लास लगाने वाली कंपनी में काम करते है। आज ही पत्नी के साथ घर लौटे है।