गाजीपुर-प्रधान, सचिव व डीपीआरओ पर गबन का मुकदमा दर्ज, यह है मामला

गाजीपुर-जनपद के करंडा ब्लाक के ग्राम सभा मुडवल में पुराने शौचालय को नया बताकर धनराशी आहरण का मामला फिर तूल पकड़ गया है। निर्माण में अनियमितता करने के आरोपी तत्कालीन डीपीआरओ रमेश चंद्र उपाध्याय पर केस दर्ज किया जाएगा। उनके साथ एडीपीआरओ बृजेश मौर्या सहित पटल सहायक, ग्राम प्रधान और सचिव को भी जांच रिपोर्ट में दोषी माना गया है। डीएम एमपी सिंह ने डीपीआरओ कुमार अमरेंद्र को दोषियों के खिलाफ नाजमद केस दर्ज कराने का निर्देश दिया है। डीपीआरओ ने शहर कोतवाली में तत्कालीन डीपीआरओ रमेश उपाध्याय के खिलाफ तहरीर देकर केस दर्ज कराया है। वहीं अन्य चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए करंडा थाना में तहरीर दी गई है।

जिला पंचायत राज विभाग की ओर से गांवों में कराएं गए कार्यों में गबन को लेकर लगातार ग्रामीणों द्वारा शिकायत की जा रही है। शिकायत के आधार पर जांच करने में नए-नए खुलासे किए जा रहे है। विकास खंड करंड के ग्राम पंचायत मुड़वल में पुराने शौचालयों को दिखाकर धनराशि निकालने सहित अन्य मामलों भी सामने आए है। तत्कालिन डीएम के बाला जी के दौरान शिकायतकर्ता ने ग्राम पंचायत में बने शौचालयों सहित अन्य मामलों में लूट की शिकायत की थी। जिसकी जांच करने के लिए तत्कालिन बीएसए श्रवण कुमार गुप्ता को जिम्मेदारी दी गयी थी। लेकिन उस दौरान जांच में जांच अधिकारी की ओर से क्लीनचीट मिल गयी थी। लेकिन शिकायतकर्ता ने डीएम एमपी सिंह से फिर मामले की शिकायत किया। जिस जांच करायी गयी तो मामला सहीं पाया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी कुमार अमरेंद्र ने बताया कि तत्कालिन डीपीआरओ रमेश चंद्र उपाध्याय, एडीपीआरओ बृजेश मौर्या, पटल सहायक शिव प्रकाश त्रिपाठी पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गयी है। वहीं इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र शासन को भेजा जाएगा। जबकि ग्राम प्रधान करूणानिधि चक्रवर्ती और सचिव प्रदीप यादव के खिलाफ करंडा थाना में मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी गयी है। डीपीआरओ सहित अन्य पर कार्रवाई होने की सूचना मिलते ही जिला पंचायत राज विभाग में हड़कंप मच गया है।