गाजीपुर-प्रीति की मौत के मामले में नया मोड़,भाई ने लगया छेडख़ानी का आरोप

गाजीपुर-बहरियाबाद मुख्य चौराहे पर शुक्रवार को छात्रा का शव पिकअप पर रखकर सैकड़ों ग्रामीणों ने सैदपुर-चिरैयाकोट व बहरियाबाद- सादात मार्ग को करीब 45 मिनट तक जाम कर दिया। तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी जखनियां विजय बहादुर सिंह यादव व सीओ द्वारा आर्थिक सहायता के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया और देर शाम को सैदपुर स्थित जौहरगंज घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।

गौरतलब है कि बीते 14 दिसम्बर को आजमगढ़ जनपद के तरवां थाना क्षेत्र के बेला गांव निवासी राजनाथ की पुत्री प्रीति बहरियाबाद थाना क्षेत्र के हरतरा गांव स्थित शैलेश महाविद्यालय से बीएड की क्लॉस कर साइकिल से वापस घर आ रही थी। जैसे ही वह बहरियाबाद चौराहे से पहले खटिकाना के पास पहुंची विपरित दिशा से आ रही पिकअप के धक्के से गम्भीर रूप से घायल हो गई थी। जिसका बीएचयू ट्रामा सेंटर वाराणसी में इलाज के दौरान बुधवार की रात में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद गुरूवार की देर रात में स्वजन शव लेकर वापस घर आए।

मृतका का घर बहरियाबाद से ढाई किमी पश्चिम आजमगढ़ जनपद में पड़ता है। अगले दिन शुक्रवार को दिन में 11 बजे बजे सैकड़ो की संख्या में महिला और पुरुष भीम आर्मी के नेताओं के साथ शव पिकअप पर लेकर बहरियाबाद मुख्य चौराहे पहुंचे और चक्का जाम कर दिया। हालांकि पहले से ही एहतियातन पीएसी व पुलिस मौजूद थी। लगभग 45 मिनट बाद पुलिस के समझाने पर ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त कर बहरियाबाद- सैदपुर मार्ग पर सड़क किनारे पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गये।

बाद में मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी जखनियां विजय बहादुर सिंह यादव ने मृतक छात्रा के पिता राजनाथ, मां इंद्रा, भाई विपिन व भीम आर्मी के नेताओं से वार्ता कर कहा कि लालगंज (आजमगढ़) के उप जिलाधिकारी से सड़क दुर्घटना का क्लेम दिलाने सहित स्वयं के स्तर से भी आर्थिक सहायता दिलाने एवं अन्य सहयोग की बात कही। साथ ही सीओ सैदपुर को चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बता दें कि मृतका के भाई विपिन ने बीते 18 दिसम्बर को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पिकअप चालक बहरियाबाद के चकफरीद गांव निवासी करिया सोनकर के पुत्र विकास सोनकर अपनी बहन को पिकअप चलाना सिखा रहा था और जान बूझकर उसने उसकी बहन को रौंदकर मारा है। आरोप लगाया कि कालेज आते-जाते समय वह मृतका बहन को छेड़ता भी था। विरोध या शिक़ायत करने पर जान से मारने की धमकी भी देता था।

थानाध्यक्ष अगम दास ने बताया कि पिकअप चालक व उसकी अज्ञात बहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। मृतका प्रीति चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थी। पिता राजनाथ व मां इंद्रा दोनों दिव्यांग है। बड़ा भाई आलोक गुजरात में मजदूरी, दूसरा विपिन स्नातक तथा छोटा भाई विशाल 10वीं की पढ़ाई कर रहा है। परिवार निहायत गरीब है और मड़ई में रहकर गुजारा करते हैं। उनके पास महज 3 बिस्वा जमीन है और उसे भी उन्होंने प्रीति के इलाज के दौरान गिरवी रख दिया। पूरे परिवार को प्रीति से बड़ी उम्मीद थी कि वह बीएड की डिग्री लेकर शिक्षक बन जाएगी।