गाजीपुर-बसपा में बगावत, सामुहिक त्यागपत्र

गाजीपुर-कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करते हुए मंगलवार को सरजू पांडेय पार्क में आकस्मिक बैठक हुई। इसमें पूर्व राष्ट्रीय महासचिव/प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर को पार्टी से निष्कासित करने पर रोष व्यक्त किया। नाराज राजभर समाज के 35 निर्वतमान एवं पूर्व पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने प्रथामिक सदस्यता से सामूहिक त्यागपत्र जिलाध्यक्ष अजय कुमार भारती को सौंपा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए बसपा के पूर्व राज्यमंत्री एवं पूर्व को-आर्डिनेटर डा. रमाशंकर राजभर ने कहा कि बसपा के संस्थापक कांशीराम के साथ काम करने वाले पूर्व राष्ट्रीय महासचिव/प्रदेश अध्यक्ष, पांच बार विधायक एवं चार बार कैबिनेट मंत्री रहे रामअचल राजभर को बिना कारण, बिना पक्ष सुने उपेक्षाकृत रवैया अपनाते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। यह अत्यंत निंदनीय एवं कष्टकारी तथा राजभर समाज का अपमान, स्वाभिमान के खिलाफ है। बीते 19 जनवरी को पूर्व मुख्यमंत्री के सम्मान में रामअचल राजभर जेल चले गए थे, लेकिन बसपा के सम्मान के साथ समझौता नहीं किया। ऐसा व्यक्ति इतनी जल्दी अनुशासनहीन कैसा हो गया। इस कार्य से क्षुब्ध होकर बसपा में आस्था रखने वाले 35 राजभर समाज के निर्वतमान एवं पूर्व पदाधिकारी तथा सदस्यगण बसपा के प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक रूप से अपना त्यागपत्र दे रहे हैं। पूर्व मंत्री श्री राजभर ने बताया कि त्यागपत्र देने वालों जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र राजभर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं मंडल कोआर्डिनेटर धर्मेंद्र राजभर, लल्लन राजभर, पूर्व प्रधान अवधारी राजभर, जंगीपुर पूर्व विधानसभा महासचिव रमेश राजभर, जंगीपुर विधानसभा उपाध्यक्ष लालजी राजभर, पूर्व विधानसभा महासचिव राजेश राजभर, पूर्व प्रधान विजय राजभर, सुरेश राजभर, विरेंद्र राजभर, पूर्व विधानसभा संयोजक गुड्डू राजभर, रामबचन राजभर, रामचंदर राजभर ,हरिकेश राजभर,मनीष राजभर, डा०विवेक राजभर ,सुनील राजभर इत्यादि लोगों थे।बैठक का संचालन रामनरायन राजभर ने किया। इस खबर के संदर्भ मे बसपा जिलाध्यक्ष गाजीपुर अजय कुमार भारती ने कहा कि धरना देने वाले लोग न हमसे मिले है न हमें कोई व्यक्तिगत या सामुहिक त्यागपत्र मिला है।

Also Read:  पीडब्लूडी और ठेकेदार के खिलाफ एक्शन मे डीएम