गाजीपुर-बापू से जूडे कुछ संस्मरण

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गाजीपुर-राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 151 वीं जयंती के अवसर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मैनपुर अजय कुमार सिंह तथा अन्य गणमान्य लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस अवसर पर बोलते हुए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अजय सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी देश की बड़ी बड़ी समस्याओं को सुलझाते हुए भी अपने आश्रम के रसोईघर के छोटे-छोटे कामों पर पैनी नजर रखते थे। चावल और दूसरे अनाजों की सफाई उनके ही कमरे में होती थी। रसोई घर में जाकर बापू खुद सफाई व्यवस्था देखते थे एक दिन उन्होंने रसोई घर के एक कोने में छत में मकड़ी का जाला लगा हुआ देखा, उसकी तरफ इशारा करते हुए उन्होंने रसोईघर के व्यवस्थापक बलवंत से कहा देखो यह क्या है ? रसोई घर में झाला बडे ही शर्म की बात है। बलवंत ने अपनी भूल स्वीकार की और भविष्य में लापरवाही न करने का वादा किया। इस अवसर पर अध्यापक प्रकाशवीर दुबे ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दिल्ली की बात है, गांधी जी बिडला भवन में ठहरे हुए थे। नहाने के लिए गए जब बाथरूम मे जब गये तो थोड़ी ही देर पहले ही सेठ घनश्यामदास बिड़ला वहां से स्नान करके निकले थे। उनकी भीगी हुई धोती वही पड़ी हुई थी। नहाने से पहले बापू ने धोती को धोया फिर नहा कर बाहर निकले।पहले उन्होंने अपना अंगौछा सुखाने के लिए फैलाया और बाद में घनश्याम बिरला की जब फैला रहे थे इतने में घनश्याम बिरला आ गए और बापू से बोले यह आप क्या कर रहे हो ? इस पर गांधी ने कहा कि अगर मै धोती नहीं धोता तो इस पर यदि किसी का पैर पड जाता तो धोती और गंदी हो जाती। यदि मैंने इसे धो दिया तो क्या हुआ ? सफाई से बढ़कर महान कार्य और कौन सा होगा।इस जयंती के अवसर पर श्री धर दुबे , संजय दुबे,पतिराम यादव, अवधेश सिंह, कौशल सिंह, पुष्पराज सिंह,वलबीर सिंह, आशुतोष सिंह सहित अनेक ग्रामवासी उपस्थित थे।

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