गाजीपुर-बीईओ डा०कल्पना वनाम अनन्त सिंह कथा

गाजीपुर- मऊ की मूल निवासी डॉ कल्पना जब गाजीपुर जनपद में खंड शिक्षा अधिकारी बनकर आयी तो उनकी नियुक्ति विकासखंड मरदह मे खंड शिक्षा अधिकारी के रूप मे हुई।नियुक्त और कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ कल्पना ने परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण शुरू किया। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की हालत किसी से छुपी नहीं है। अधिकांश परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक विद्यालय पर जाकर पठन- पाठन करने से परहेज करते हुए चट्टी चौराहों पर बैठकर गपशप करने में ज्यादा खुशी महसूस करते हैं। अपने औचक निरीक्षण के दौरान डॉ कल्पना ने अनुपस्थित 30 शिक्षकों का वेतन कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए रोक दिया। कड़क खंड शिक्षा अधिकारी डॉ कल्पना के इस रवैया से कामचोर शिक्षकों में खलबली मच गई और उन्होंने डॉ कल्पना पर अवैध धन उगाही का आरोप लगाकर मोर्चा खोल दिया। खण्ड शिक्षा अधिकारी डॉ कल्पना को भी पीछे हटना स्वीकार नहीं था। खंड स्तरीय शिक्षक नेताओं ने अपने जिला स्तरीय शिक्षक नेताओं से संपर्क कर डॉक्टर कल्पना को एन केन प्रकारेण नियंत्रित करने के लिए दबाव डाला। जनपद स्तरीय शिक्षक नेताओं ने अपने स्थानीय संगठन के मानसम्मान की रक्षा के लिए अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए डॉ कल्पना पर हल्ला बोल दिया। बाद में यह मामला रफा-दफा हो गया लेकिन मरदह विकास खण्ड मे कार्यरत शिक्षक नेता इस मौके की ताक मे थे कि कब बीईओ के खिलाफ हल्ला बोलने का कोई मौका मिले। इसी मध्य डॉ कल्पना के प्राइवेट वाहन चालक के ऊपर दिनांक 08/10/2021 को नाबालिक से रेप का आरोप लगा और उसका उसका वीडियो भी वायरल हुआ। इस संदर्भ में डॉ कल्पना ने अपना स्पष्टीकरण मीडिया को जारी करते हुए बताया की जिस दिन तथाकथित रेप की घटना हुई उस दिन वह दोपहर के बाद बेसिक शिक्षा मंत्री के मीटिंग में भाग लेने के लिए वाराणसी में थी।मेरा इस घटना से कोई लेना देना नहीं है।डॉक्टर कल्पना का कहना भी सही है जो दोषी है सजा उसको मिलनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर के शिक्षक नेताओं ने डॉक्टर कल्पना को अपने अर्दब में लेना चाहा लेकिन डॉक्टर कल्पना भी निर्दोष होने के कारण अपनी जिद पर अड़ी रही कि उसका इस घटना से कोई लेना देना नहीं है। इसके बाद की कहानी यह है कि शिक्षक नेताओं पर डॉ कल्पना ने आपत्तिजनक मैसेज भेजने कई आरोप लगाते हुए मरदह थाना मे एफआईआर दर्ज करने हेतू प्रार्थना पत्र दिया।एससीएसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने के लिए दिये गये प्रार्थना-पत्र की जाँच सीओ स्तर के अधिकारी करते है इसके बाद एफआईआर दर्ज होती है।सीओ कासिमाबाद के जाँच मे शिक्षक नेताओं पर बीईओ के लगाये गये आरोप प्रथमदृष्टया सत्य पाये गये।इसके बाद मरदह थाना मे दिनांक 21 नवंबर 2021को एससी एसटी एक्ट,आईटी एक्ट व भारतीय दंड संघीता 1860 की धारा 294 के तहत शिक्षक नेताओं अनन्त सिंह व डा0दुर्गेश सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ। एफआईआर दर्ज होने के बाद शुरू हुआ शह मात का खेल- डॉ कल्पना के पक्ष में लगभग समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, डॉ दुर्गेश सिंह व अनंत सिंह के संगठन से जलने वाले शिक्षक संगठन, व अन्य बिरोधी खेमा डॉक्टर कल्पना के साथ परदे के पीछे मजबूती से खड़े हो गए। शिक्षक नेताओं पर जब एससी एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज हो गया तो शिक्षक नेता भी अपने बचाव में पैरवी के लिए मंत्री से लेकर के विधायक तक दौड़ लगाने लगे।प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक किसी मंत्री या विधायक की पैरवी शिक्षक नेताओं के काम नहीं आयी है।पता नहीं सच या झूठ कहने वाले तो यहां तक बता रहे है डा०कल्पना का कहना है कि नौकरी रहे या जाये मै अपने स्टैंड पर कायम रहुंगी.

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