गाजीपुर-माँ-बेटे को आजीवन कारावास,25-25 हजार का अर्थदंड

गाजीपुर-अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रामशुध सिंह की अदालत ने शुक्रवार को निर्मम हत्या के मामले में माँ ,बेटे को आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है  अर्थदंड की धनराशि न जमा करने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी अभियोजन के अनुसार थाना खानपुर गांव भैरोपुर के रामप्रवेश चौहान ने थाने में तहरीर दिया कि उसके चाचा कृष्णदत्त चौहान 24 नवम्बर 2013 को दिन में 11:30 बजे दरवाजे के सामने नीद में सोये थे कि पुरानी रंजिश को लेकर पड़ोस के प्रमोद चौहान तथा उसका भाई प्रदीप चौहान व उसकी माता धानमती देवी उसके चाचा को गाली गलौज देने लगे मना किया तो उत्तेजित होकर सभी ने मिलकर राड व पाइप से मारने पीटने लगे जिससे उनके सिर पर गहरी चोटे आई।

घायलावस्था में लोगो की मदद से रामप्रवेश अपने चाचा को वाराणसी ले कर जा रहा था कि अचानक रास्ते मे चाचा को खून की उल्टी होने लगी। अस्पताल पहुचने पर डाक्टर ने उनको मृत घोषित कर दिया।वादी कि तहरीर पर थाना खानपुर मे आरोपियो के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना के उपरांत आरोपियो के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमा के दौरान आरोपी प्रदीप चौहान को कोर्ट ने नाबालिक मानते हुए उसकी पत्रावली को अलग करते हुए किशोर न्यायालय को भेजा गया। न्यायालय में विचारण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज कुमार श्रीवास्तव ने कुल 7 गवाहों को पेश किया सभी गवाहों ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। दोनो तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त सजा सुनाई।