गाजीपुर-मुलायम सिंह हमेशा साम्प्रदायिक ताकतों के खिलाफ रहे-राधेमोहन सिंह

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गाजीपुर- 22 नवंबर को समाजवादी पार्टी के संरक्षक, देश के पूर्व रक्षा मंत्री एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय मुलायम सिंह का जन्मदिन समारोह पार्टी कार्यालय समता भवन पर जिलाध्यक्ष रामधारी यादव की अध्यक्षता में आयोजित किया गया ।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रामधारी यादव एवं विधायक डॉ वीरेंद्र यादव ने केक काटकर मा.मुलायम सिंह जी को बधाई दी और उनके दीर्घायु होने की कामना की । इस अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं ने 2022मे प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने व अखिलेश जी को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया ।
इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में विधायक डॉ वीरेंद्र यादव ने माननीय मुलायम सिंह जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव का नाम भारतीय राजनीति में आज एक अलग ही पहचान रखता है ,यह पहचान एक ऐसे शख्स के रूप में है जिसने देश की राजनीतिक सोच को एक नया अर्थ दिया है ।भले ही ज्यादातर लोग उन्हें खासतौर से अल्पसंख्यकों ,किसानों और पिछड़ों के मसीहा के रूप में देखते हैं लेकिन उनको इस सीमा में बांधना उचित नहीं है क्योंकि उनकी सोच हिंदुस्तान की हित की सोच है किसी जाति, किसी क्षेत्र ,किसी समुदाय और किसी परिवार की हित की नहीं ।वह भारत में आधुनिक समाजवादी आंदोलन के जनक माने जाते हैं ।मुलायम सिंह यादव आरंभ से ही समाज में व्याप्त असमानता ,विषमताओं, अनुसूचित जाति- जनजाति तथा पिछड़े वर्गों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहे हैं, उनके चिंतन पर डॉक्टर लोहिया के साथ ही समाजवादी चिंतक मधु लिमये, कर्पुरीठाकुर एवं स्वर्गीय रामसेवक यादव जैसे जुझारू नेताओं की गहरी छाप है ।उन्हें किसानों के प्रबल समर्थक पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह ने भी एक मौके पर अपना राजनीतिक वारिस कहा था।
जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में विगत 40 वर्षों से किसानों, मजदूरों ,युवाओं, छात्रों, महिलाओं, दलितों एवं अन्य पिछड़े और कमजोर वर्गों के हित की रक्षा एवं उनके कल्याण के लिए लगातार संघर्ष करते रहे हैं ।वह केवल 15 वर्ष की आयु में 1954 में डॉक्टर लोहिया के आवाहन पर शुरू किए गए नहर रेट आंदोलन में भाग लेकर पहली बार जेल गए ।
मुलायम सिंह जी ने कटुता ,बदले की भावना और किसी को ओछा समझने की राजनीति नहीं किया ।उनके चिंतन में एक महान व्यक्ति की बुनियादी और सरल और दूरगामी सोच नजर आती है भारत के आम आदमी के दुख दर्द को दूर करने के पीछे उन्हें एक ऐसा समाजवाद लाने की आकांक्षा नजर आती है जिसमें किसी को खुशहाल बनाने के लिए दूसरे की हक को नहीं मारा जा सकता।
पूर्व सांसद राधामोहन सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह यादव बदलाव की राजनीति चाहते हैं । ऐसा बदलाव जिससे देश जगे । उस बदलाव से देशवासियों का हित जुड़े ।वह समाजवादी पार्टी की महत्वाकांक्षाओं पर देश की सियासत को तोलने के हिमायती नहीं है ,बल्कि देश हित में अपनी पार्टी की जिम्मेदारियों को तय करके ही आगे बढ़ते रहे हैं ।उनकी हमेशा सोच रही है कि वसूल और सिद्धांत की राजनीति करने वाले लोग एक मंच पर आ जाते ।देश के सामने, देशवासियों के सामने वह ज्यादा से ज्यादा राजनीतिक विकल्प रखने के पक्षधर है ताकि जनता जब चाहे नीतियों तथा कार्यक्रमों के आधार पर अपने भविष्य का फैसला कर सके तथा दूसरी और राजनेताओं पर भी बेहतर प्रदर्शन का दबाव बना रहे। वह साम्प्रदायिक ताकतों के हमेशा खिलाफ रहे ।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री जय किशन साहू ,पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश कुशवाहा , डॉ नन्हकू यादव,सिकंदर कनौजिया, राज किशोर यादव, गोपाल यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, शिव शंकर यादव ,रामयश यादव, चन्द्रेश्वर यादव,सदानंद यादव,निजामुद्दीन खां ,डॉक्टर समीर सिंह ,दिनेश यादव , आजाद राय ,आलोक सिंह ,ओम प्रकाश यादव ,राजेंद्र यादव ,आमिर अली ,राहुल सिंह ,आदित्य यादव ,परशुराम बिंद, रमेश यादव, बलिराम यादव ,जगत मोहन बिंद ,कैलाश यादव ,बैजनाथ यादव , आशा यादव, बृजकिशोर यादव,रामाशीष ,कन्हैया यादव , मार्कंडेय यादव,सरदार यादव, अनिल यादव ,रामलाल प्रजापति ,नरेंद्र कुशवाहा ,चंद्रिका यादव, कन्हैया यादव , नन्हें, पांचू यादव,राम-बरत यादव, अरुण यादव,आदि उपस्थित थे । इस संगोष्ठी का संचालन जिला उपाध्यक्ष कन्हैयालाल विश्वकर्मा ने किया ।

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