गाजीपुर-मुहम्मदाबाद, भाजपा की अब क्या होगी सियासत ?

गाजीपुर-उत्तर प्रदेश के चर्चित विधानसभा सीटों में से एक मोहम्मदाबाद विधानसभा की सीट एक बार फिर चर्चा में है। ऐसा तब देखने को मिला, जब बसपा मुखिया मायावती ने यहां भूमिहार मतों पर निशाना साधते हुए पूर्व मंत्री के बेटे को बहुजन समाज पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर दिया। अंसारी बंधुओं के गढ़ में मायावती का यह सियासी बाउंसर मैदान में मौजूद सफेदपोश खिलाड़ियों के लिए खतरनाक साबित होगा।

मायावती और अखिलेश के मास्टर स्टोक ने भाजपा को हैरानी और परेशानी में डाल दिया है। अब राजनीतिक दिग्गज चिंता में हैं। भूमिहार बहुल इस सीट पर मतों में बिखराव के कारण बीजेपी के लिए अब इस सीट को हथियाना काफी मुश्किल होगा। हाल ही में हाथी से उतरकर साइकिल पर सवार हुए बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के भाई व पूर्व विधायक शिबगतुल्लाह अंसारी सियासी जमीन उपजाऊ बनाने में जुटें हैं। इस सीट पर बीएसपी के बाद बीजेपी ने अगर भूमिहार उम्मीदवार मैदान में उतारा तो मतों मे विभाजन तय है और स्पष्ट इसका लाभ सपा को मिल सकता है।

उत्तर प्रदेश का गाजीपुर जनपद अंसारी बंधुओं को लेकर पिछले तीन दशक से चर्चा में है। गाजीपुर के वर्तमान सांसद अफजाल अंसारी, मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी तथा पूर्व विधायक शिबगतुल्लाह अंसारी विरोधी दलों को समय-समय धूल चटाते रहे हैं। अंसारी बंधुओं के गृह क्षेत्र मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट को उनके परिवार के रसूख से जोड़कर देखा जाता है। इस सीट पर वर्तमान सांसद अफजाल अंसारी पांच बार विधायक रह चुके हैं।जबकि पूर्व विधायक शिबगतुल्लाह अंसारी दो बार विधायक रहे।

पिछले विधान सभा चुनाव 2017 में शिबगतुल्लाह अंसारी पूर्व विधायक स्वर्गीय कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय से 32737 मत से पराजित हो गए थे।इस सीट पर कब्जा करने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्तार अंसारी के बड़े भाई शिबगतुल्लाह अंसारी को सपा में शामिल कर मैदान में उतारने का मन बनाया है। अब भाजपा को घेरने व पराजित करने के लिए बसपा मुखिया मायावती ने भी यहां पूर्व मंत्री स्व० विरेन्द्र राय के पुत्र माधवेंद्र राय को उम्मीदवार घोषित किया है।

यह सीट पूर्वांचल के अतिसंवेदनशील सीटों में से एक है। अब इस सीट पर भूमिहार मतों में बिखराव को लेकर भाजपा चिंतित है। पार्टी के शीर्ष नेता भी इस पर चिंतन मंथन करने में जुटे हैं। इस बार मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक अलका राय को पार्टी टिकट देती है या नहीं यह यो समय बताएगा। लेकिन हर हाल में इस बार इस सीट पर कांटे की टक्कर होना तय माना जा रहा है।

स्व. वीरेंद्र राय की राजनीतिक छवि का बेटे को मिलेगा लाभ-
अपने समय के कद्दावर नेता रहे स्व. वीरेंद्र राय (स्व०कल्पनाथ के भांजे)की राजनीतिक जमीन मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र से उनके पुत्र माधवेंद्र राय अब सियासी मैदान में उतरेंगे। माधवेंद्र राय को बहुजन समाज पार्टी ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है। उन्हें अपने पिता की छवि का लाभ मिलेगा। रसूखदार भूमिहार परिवार से ताल्लुक रखने वाले माधवेंद्र राय की भूमिहार बिरादरी में अच्छी पैठ है। स्व. वीरेंद्र राय पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर थे और कांग्रेस के समय में केंद्रीय मंत्री भी रहे। यह मऊ के विकास पुरुष रहे कल्पनाथ राय के रिश्तेदार भी थे। माधवेंद्र राय ने राजनीतिक सक्रियता तेज करते हुए क्षेत्र में जनसंपर्क करना शुरू कर दिया है। बसपा उम्मीदवार माधवेंद्र महाराष्ट्र में अपना कारोबार करते हैं । इनकी प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर में हुई, जब इनके पिता स्व. वीरेंद्र राय पुलिस विभाग में कार्यरत थे। तकनीकी शिक्षा महाराष्ट्र में ली और अब वह अपना निजी कारोबार शुरू कर दिए हैं।

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