गाजीपुर-मौत को मात दे पाया नया जीवन

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गाजीपुर। मौजूदा समय मे स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही एम्बुलेंस चालक और उस पर तैनात इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) भी अपनी अहम भूमिका निभाने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं। इसका उदाहरण शुक्रवार देर रात देखने को मिला। जब रौज़ा इलाके के एक निर्माणाधीन काम्प्लेक्स में एक मजदूर जो अंधेरे में काम करने की वजह से गिर गया उसके पेट मे तीन सरिया आर-पार हो गए। जानकारी होते ही 108 एंबुलेंस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मज़दूर को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहाँ से प्रारम्भिक इलाज के बाद एंबुलेंस के माध्यम से ही वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। इसके बाद उसका इलाज शुरू हुआ। 108 एम्बुलेंस के प्रभारी ने बताया कि शुक्रवार की तड़के क़रीब तीन बजे मोबाइल द्वारा लखनऊ के 108 कॉल सेन्टर पर घटना की जानकारी दी गयी और सहायता के लिए अनुरोध किया। लखनऊ से जिला अस्पताल गाजीपुर में तैनात 108 एम्बुलेंस के ईएमटी प्रदीप शुक्ला को जानकारी मिली कि ग़ाज़ीपुर शहर के रौज़ा के निकट युवक रामधारी 22 पुत्र सुग्रीव प्रसाद निवासी मोहम्मदाबाद रौजा एक कॉम्प्लेक्स का कार्य करते हुए अर्धनिर्मित पिलर पर गिर गया है। जिससे लोहे के सरिए उसके पेट के आर-पार हो गए और उसकी हालत गंभीर है। लखनऊ कॉल सेंटर से सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के जिला प्रभारी के निर्देश पर ईएमटी प्रदीप कुमार शुक्ला ने पायलट संजय कुमार यादव के साथ तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे और पायलट के सहयोग से घायल युवक को ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे ज़िला अस्पताल से बीएचयू के लिए रेफर कर दिया गया। इस गम्भीरता को देखकर तत्काल एएलएस की व्यवस्था की गई जिसके ईएमटी शुभम सिंह ने अपने पायलट बलराम यादव की मदद से रास्ते में पीड़ित की देखभाल करते हुए समय से बीएचयू ट्रामा सेंटर ले जाकर भर्ती कराया जिससे घायल युवक की जान बचाईं जा सकी। प्रभारी ने बताया कि जनपद में 108 सेवा की 37 एंबुलेंस, 102 सेवा की 42 एंबुलेंस और तीन एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) कार्यरत हैं और कोरोना के दौरान 108 सेवा की 11 एंबुलेंस और 1 एएलएस तैनात है जो दिन-रात लोगों की सेवा में जुटी हैं। एम्बुलेंस की सक्रिय भूमिका बीमार एवं घायल व्यक्ति की रक्षा करने में वरदान साबित हो रही है।

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