गाजीपुर-रावण जरी कि ना जरी ?

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गाजीपुर- मेरे प्रिय मित्र उमेश श्रीवास्तव का मेरे गोराबाजार स्थित आवास पर आगमन हुआ। उन्होंने आते ही कहा चलिए भाई साहब आज आपको चुन्नू के चाय की दुकान पर चाय पिलवाता हुँ। मैंने भी उमेश श्रीवास्तव की हां में हां मिलाते हुए उनकी बाइक पर बैठा और मिश्रबाजार स्थित चुन्नू चाय वाले की दुकान पर जा पहुंचा।वहां पहले से ही मेरे पुराने मित्र बातूनी मियां बैठे हुए चाय पी रहे थे। मैंने बातूनी मिंया को देखते ही पूछा बातूनी भाई क्या हाल-चाल है ? बातूनी भाई दुकान के अन्दर से उठकर बाहर सड़क पर आ गए ।पास आते ही हालचाल पूछने लगे। और पत्रकार साहब सब खैरियत तो है ? मैंने कहा बातूनी भाई हमारी सब खैरियत है आप अपनी बताओ ? इसके पश्चात बातूनी भाई से मैंने पूछा कि भाई जान एक चाय और हो जाए ? बातूनी भाई ने मूंडी हिलाते हुए कहा क्यों नहीं-क्यों नहीं । चाय पीते हुए बातूनी मियां अपने पेट में कई दिनों से मरोड़ दे रहे सवाल का तिर निकाल कर मेरे खोपडे़ पर दे मारा। बातूनी ने पूछा कि भाईजान ये बताओ कि ई शाल रवणवा (रावण) जरी कि ना जरी ? मैंने कहा बातूनी मियां अब इस बात की जानकारी ओपी तिवारी उर्फ बच्चा तिवारी ही दे सकते हैं । उन्होंने कहा बच्चा तिवारी से अभी बात करो और बताओ । मैंने बच्चा तिवारी को फोन लगाया और जब उनसे पूछा कि बाबा यह साल रावण जलेगा कि नहीं ?तो इस पर बच्चा तिवारी ने पहले तो गोल-गोल घुमाया फिर कहा कि रावण तो प्रतीकात्मक ही जलेगा, लेकिन अभी तक प्रशासन ने इस संदर्भ मे अभी तक कोई अनुमति नहीं दिया है।इस संदर्भ में प्रशासन ने 3 दिन पूर्व सूचित करने का कहा है लेकिन मेला नहीं लगेगा। मेरे इस गोल गोल जबाब पर बातूनी मिंया झल्लाहट भरे अंदाज मे फिर बोले बताओ रवंणवा जरी की ना जारी ?भला मै इसका क्या जबाब देता।

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