गाजीपुर-लाखों दबाये बैठा नगरपालिका गाजीपुर

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गाजीपुर-वर्ष 2014 में नगर क्षेत्र में आर्थिक गणना हेतु शहर के आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को गणना का कार्य सौंपा गया था। इस कार्य के बदले उन्हें ₹6000 का भुगतान होना था ।इस कार्य में 70 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर घर जाकर आर्थिक सर्वे किया और रिपोर्ट नगर पालिका परिषद गाजीपुर को सौंप दिया। इसके बाद जब उनके पारिश्रमिक के भुगतान की बात आई तो नगर पालिका परिषद ने उन्हें मात्र 4500/ रू०का भुगतान कर अपना पीछा छुड़ा लिया। 1500/ रुपए जो वर्ष 2014 से आज तक बकाया है ,इसके भुगतान है आशा पटेल जिलाध्यक्ष ,आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन गाजीपुर ने अगस्त 2019 में बकाया भुगतान हेतू अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद गाजीपुर को पत्र दिया ।आज दिनांक 01 अक्टूबर 2019 को जब गाजीपुर टुड़े ने अधिशासी अधिकारी नगरपालिका से उनके मोबाइल पर जब संम्पर्क किया तो उन्होंने बताया कि (2014)उस समय मै यहां नहीं था , इस समय यह बात मेरे संज्ञान मे आयी है मै फाईल निकलवा रहा हुँ । सबसे हास्यास्पद बात तो यह है कि महिनों गुजर गये लेकिन साहब अभी तक फाइल नहीं निकलवा सके। इस संदर्भ मे जब आशा पटेल से सम्पर्क कर गाजीपुर टुड़े ने पुछा कि अगर आप के बकाया 1500/ रूपये का भुगतान नहीं हुआ तो आप क्या करेगी ? इस पर आशा पटेल ने कहा कि हम नगर पालिका के आने वाले चुनाव में मतदाता सूची और मतदान से सम्बंधित कोई भी कार्य नहीं करेंगे, हम कोई सरकारी कर्मचारी नहीं है हम आईसीडीएस के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता है।

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