गाजीपुर-विकास भवन की छत बनी झरना और कार्यालय बने झील

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गाजीपुर-विकास भवन वाले बडे साहब बहुत कड़क है कर्मचारियों के थोडी देर से आने पर इतना कुपित हो जाते है कि उनको अनुपस्थित मान कर एक दिन का बेतन काटने का निर्देश जारी कर देते है। लेकिन करोड़ों की लागत से बनी विकास भवन की छत वर्षात के मौसम में झरना बन जाती है और कार्यालय झील बन जाते है यह दिखाई नहीं देता।वर्षात के मौसम मे विकास भवन अनवरत कई वर्षों से झील और झरना बनता चला आ रहा है। दो वर्ष पुर्व विकास भवन में स्थित विभिन्न बिभागों ने आपस मे चंदा लगा कर छत की मरम्मत कराया लेकिन आज भी हालत जस की तस बनी हुई है। चन्दे के रूप में ग्रामीण अभियंत्रण बिभाग ने 3 लाख,बेसिक शिक्षा ने 1.50 लाख,समाज कल्याण ने 25 हजार,पशु पालन बिभाग ने 25 हजार दिया। चन्दा देने वाले अन्य बिभागों के नाम और चन्दे की मात्रा का पता नहीं। इस साल की हुई पहली अच्छी ने विकास भवन स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ,पशु पालन विभाग, आंगनबाडियों का विभाग आईसीडीएस, यूनियन बैंक की हालत काफी खस्ता थी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव से जब सम्पर्क कर गाजीपुर टुडे ने पुछा कि क्या विकास भवन के रिपेयरिंग और मेंटेनेंस के लिये कोई बजट नही आता तो उन्होंने बताया की इस कार्य के लिये कोई बजट नहीं आता है।

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