गाजीपुर-विद्यालय बना खंड़हर कैसे होगी पढाई

गाजीपुर- नौनिहालों के नए सत्र का स्कूल खुलने का समय आ गया और बिझवल गांव का प्राथमिक विद्यालय खंडहर के रूप में बिखरा पड़ा है। पिछले महीने अठारह तारीख को ताऊते चक्रवाती तूफान की बरसात में भर भराकर गिरा विद्यालय का कमरा अभी भी कूड़े के ढेर की तरह वहीं पड़ा हुआ है। ग्रामप्रधान आनंद कुंवर कहते है कि कामन हाल का बहुउद्देश्यीय कमरा अपने गिरने के साथ अगल बगल के कई और कमरों में दरार डालकर उन्हें असुरक्षित कर दिया है। स्कूल खुलने का समय आ गया और शिक्षा विभाग द्वारा इस खंडहर को हटाने या बच्चों के आगामी सत्र में पढ़ाई का वैकल्पिक स्थल बनाने का कोई प्रयास नही किया जा रहा है। प्रधानाध्यापक राजपत पाल कहते है कि बरसात के बाद इन टूटे फूटे ईंट पत्थर के ढेर से बदबू और कीड़े मकोड़े आदि निकल रहे है। अभी सिर्फ दो कमरे ही सुरक्षित बचे है बाकी बचे ऑफिस तीन कमरों में पूरे कक्षाओं को चला पाना मुश्किल है। एक जुलाई से स्कूल खुलने वाला है और अभी तक इस खंडहर के गंदगी को हटाया भी नही जा सका है। गांव के अभिभावकों का कहना है कि पिछले साल से पढ़ाई का नुकसान झेल रहे बच्चों के स्कूल खुलने का समय आया तो विद्यालय परिसर ही खंडहर बना हुआ है। संबंधित अधिकारी या शिक्षा विभाग को शिक्षण सत्र चलाने की जल्दीबाजी है पर परिसर से कूड़ा हटाने और बच्चों के लिए सुरक्षित कमरों की व्यवस्था की कोई चिंता नही है।