गाजीपुर-शहर की बत्ती गुल लेकिन क्यों ?

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गाजीपुर।शहर के पशु अस्पताल के पास नपा जेसीबी से कूड़ा उठाने के दौरान 33 हजार लाइन की भूमिगत केबिल कट गई। इससे पीरनगर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े कचहरी, पीरनगर, गोराबाजार, पत्थर घाट, सिंचाई विभाग, सिद्धेश्वर नगर कालोनी सहित अन्य कई इलाकों की बत्ती रात में करीब साढ़े दस बजे गुल हो गई। बिजली कटते ही हजारों लोगों की परेशानी बढ़ गई। लोगों ने सोचा कि शायद कही छोटा-मोटा फाल्ट हुआ होगा, उसे दुरुस्त कर अब-तब आपूर्ति चालू कर दी जाएगी, लेकिन लोगों की यह सोच गलत निकली। सुबह का सूरज निकलने के बाद भी बिजली का दर्शन नहीं हुआ। मौसम ठंडा होने से रात में बिजली का न होना लोगों को कम खला, लेकिन सुबह पानी के लिए परेशानी बढ़ गई। तमाम लोग जहां नहाने से वंचित हो गए, वहीं घरों के आसपास मौजूद हैंडपंपों से थोड़ा-बहुत पानी की व्यवस्था कर प्यास बुझाई। जिन लोगों ने ईन्वर्टर लगा रखा था, घंटों बत्ती गुल होने पर वह भी बैट्री चार्ज न होने से निर्धारित समय पर शो-पीस बन गए। सुबह दुकान खोलने के बाद बिजली पर आधारित कारोबारी हाथ पर हाथ धरे अब-तब बिजली आने का इंतजार करते रहे। लगभग साढ़े 14 घंटा बाद दोपहर में बिजली का दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सास ली। इस संबंध में नगर एसडीओ शिवम राय और अवर अभियंता अविनाश सिंह ने बताया कि पशु चिकित्सालय के पास नगर पालिका द्वारा जेसीबी से कूड़ा उठाते समय 33 हजार लाइन की भूमिगत केबिल कट गई थी। इससे रात में करीब साढ़े दस बजे पीरनगर विद्युत उपकेंद्र से संबंधित फीडरों की आपूर्ति ठप हो गई थी। केबिल को दुरुस्त कराकर गुरुवार को दिन में 1.10 बजे आपूति बहाल कराई गई। इस संबंध में नगरपालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने बताया कि रात में कूड़ा उठाने का कोई सवाल ही नहीं है और न ही रात में जेसीबी निकलने का सवाल है। जेसीबी किसी और विभाग की रही होगी।

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