गाजीपुर-सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदी में क्या है अन्तर ?

गाजीपुर 30 जुलाई, 2021- जिला कारागार, गाजीपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर की सचिव, सुश्री कामायनी दूबे, ने जिला जेल का स्थलीय निरीक्षण के दौरान बताया कि ‘‘Redressing the grievances of under trial prisoners.”  विषय पर विधिक जागरूकता शिविर एवं निरीक्षण किया गया। कानून में विचाराधीन कैदियों को सजायाफ्ता कैदियों से भी कम अधिकारी है। विडंबना है कि सजायाफ्ता कैदी काम कर सकते है लेकिन विचाराधीन कैदी नही। भारत में विचारधीन कैदियों को बिना दोषी साबित हुए वर्षो जेल में विताना पड़ रहा है। कुछ देशो में तो गलत तरीके से जेल में रखे जाने पर पीड़ित को मुआवजा देने का प्रावधान है भारत में सुप्रीम कोर्ट में 2016 में ऐसे ही दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इससे गलत धारणा बनेगी। लम्बे समय की जेल से विचाराधीन कैदी और उनके परिवार की जिंदगी तहस-नहस हो जाती है। उन्हें आर्थिक और सामाजिक स्तर पर तगड़ा झटका लगता है। घर के एक व्यक्ति को विचाराधीन कैदी की जिंदगी काटनी पड़ी तो पूरा परिवार बिखर सा जाता है।  
जेल अधीक्षक, श्री हरिओम शर्मा द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कुल 1043 बंदी निरूद्ध है। जिसमें 946 पुरूष, 33 महिला बंदियों के साथ कुल 1 बच्चे निरूद्ध है व 64 अल्पवयस्क है। सुबह का नाश्ता-दलिया, चाय, दोपहर को भोजन-रोटी, चावल, अरहर की दाल, सब्जी, शाम का भोजन-रोटी, चावल, चना, उरद की दाल, सब्जी (आलू चौलाई, कद्दू)। सचिव महोदय ने कोविड-19 को देखते हुए नए बंदियों को पहले आइसोलेट रखने के साथ ही संदिग्ध लक्षण होने पर जांच और सेनेटाइजेशन के निर्देश दिए। सचिव ने जेल के कई बंदियों से बात कर उनकी समस्याओं को समझने के साथ ही उनके निस्तारण का निर्देश दिया।सचिव ने कारापाल को जिला कारागार में स्थित जेल लीगल क्लीनिक पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए ताकि जेल में निरूद्ध बंदियों को समय से व समुचित विधिक सहायता प्राप्त हो सके।
सचिव महोदया द्वारा यह भी बताया गया कि निःशुल्क अधिवक्ता हेतु व अन्य कोई सहायता प्राप्त करने हेतु कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर में जेल अधीक्षक के माध्यम से प्रार्थना पत्र प्रेषित कर लाभ प्राप्त कर सकते है। इस अवसर कारापाल, श्री शिव कुमार यादव, उप कारापाल, श्री रविन्द्र सिंह यादव, श्री कमलचन्द  व जेल विजिटर, श्री घनश्याम लाल श्रीवास्तव उपस्थित रहे।