गाजीपुर-सनातन संस्कृति के रक्षार्थ संतों ने लिया संकल्प

गाजीपुर(सैदपुर)-गोमती नदी के किनारे गौरी के पर्णकुटी आश्रम में मकर संक्रांति के पुनीत पावन अवसर पर सनातन धर्म के संरक्षण के लिए काशी क्षेत्र के विभिन्न आश्रमों से आये संतों का समागम हुआ। पर्णकुटी आश्रम में करीब अलग अलग मठ आश्रम और कुटियों के साधु संतों ने सनातन संस्कृति के साथ शिक्षा संस्कार और सामाजिक सदभाव के लिए जन जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया। महंत अरुनदास जी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोगों को जागृत करने और समाज से छुआछूत मिटाने पर ही सामाजिक समरसता आएगी। संतों ने सनातन धर्म में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने व गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाने का आहवाहन किया। संतों ने सामूहिक रूप से आहवाहन किया कि वे केवल मोक्ष की बात न कर लोगों के बीच अध्यात्म और संस्कृति की ज्योति भी जलाना जरूरी है। जात-पात से हट कर दलितों और शोषितों के बीच जाकर समरस समाज का निर्माण करें। गौ गंगा गोमती गीताके साथ गांव की सभ्य संस्कृति को बचाने का आहवाहन किया। पूर्व न्यायाधीश त्रिभुवन नारायण पाठक और वेद त्रिपाठी ने सभी संतों का चरण पूजन कर उनका अभिवादन किया। दीपक दुबे, राजन त्रिपाठी, गिरिजाशंकर सिंह, मतीन्द्र पांडेय, पवन चौबे, रमन त्रिपाठी, सोनू सिंह रहे।

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