गाजीपुर-सपा,भाजपा मालामाल, बसपा कंगाल

गाजीपुर-उत्तर प्रदेश के आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपने राजनैतिक तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। ऐसी परिस्थिति में किसी भी राजनैतिक दल की लोकप्रियता का मापदंड उस राजनैतिक दल से टिकट के दावेदारों की संख्या को देखकर लगाया जा सकता है ।गाजीपुर जनपद में कुल 7 विधानसभा सीटें हैं जिनमें दो जखनिया और सैदपुर अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है बाकीजहुराबाद ,मोहम्मदाबाद,जमानिया ,गाजीपुर सदर और जंगीपुर यह सामान्य सीट हैं। इन सीटों पर किसी भी जाति मजहब का व्यक्ति दावेदारी कर सकता है।इन्हीं पाँच विधानसभाओं पर अधिक दावेदार भी है।अगर हम दावेदारों की संख्या को देखें तो सर्वाधिक दावेदारों वाली दो ही पार्टियां नजर आती हैं एक तरफ समाजवादी पार्टी है तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी। तीसरी मजबूत जनाधार वाली बहुजन समाज पार्टी है जहां दावेदारों की भारी कमी महसूस हो रही है। भाजपा और सपा की ऐसी कोई सीट नहीं है जिस पर कम से कम दो दावेदार ना हो। अब आने वाले समय में भाजपा, सपा और बसपा अपने किस दावेदार पर दांव लगाएंगे यह तो समय ही बताएगा लेकिन वर्तमान चुनाव में बहुजन समाज पार्टी की स्थिति कुछ कमजोर दिखाई पड़ रही है। वर्ष 2017 मे बसपा से कुल 19 विधायक जीते थे।वर्ष 17 मे भी बसपा ने अकेले चुनाव लडा था और इस बार वर्ष 22 मे भी बगैर किसी से गठबंधन किये अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी मे है।कुल मिलाकर यह कहना गलत न होगा कि टिकट के दावेदारों के मामले मे सपा और भाजपा मालामाल है तो बसपा कंगाल है।

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