गाजीपुर-सप्लाई स्पेक्टर पर 2 हजार प्रति मांह मांगने का आरोप

गाजीपुर-करंडा थानाक्षेत्र के धरवां दुबैथा गांव के निरस्त हो चुके कोटे की संचालक की तरफ से पूर्व सप्लाई इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। गांव में आदर्श स्वयंसेवी समूह की तरफ से माया पांडेय को वितरक नियुक्त किया गया था। माया पांडेय के भतीजे विकास पांडेय ने बताया कि सैदपुर तहसील के पूर्व सप्लाई इंस्पेक्टर रहे विजय पाल ने सिर्फ इसलिए उनके कोटे को निरस्त करा दिया, क्योंकि उन्होंने उन्हें अन्य की तरह हर माह दो हजार रूपया देने में असमर्थता जताई थी। साथ ही उन्होंने आरओ पर मिलीभगत का आरोप लगाया।

कहा कि विजय पाल ने कहा कि वो उन्हें हर माह 2 हजार रूपया दें, जिस तरह अन्य लोग देते हैं। जिस पर माया पांडेय ने असमर्थता जताई। विकास ने बताया कि इसके बाद विजय पाल 12 अक्टूबर को आए और कहा कि डीएसओ कार्यालय में कोटे के बाबत शिकायत की गई है। कहा कि कोटेदार द्वारा देवचंदपुर निवासी व्यवसायी जगदीश गुप्ता को सरकारी खाद्यान्न बेचा गया है। जिस पर उन्होंने कहा कि खाद्यान्न नहीं, बल्कि सिर्फ बोरा बेचा गया है। बताया कि जगदीश गुप्ता ने अपने खाद्यान्न के बाबत कई किसानों को पेश किया, जिनसे उन्होंने खाद्यान्न खरीदा था लेकिन उन किसानों का जिक्र उन्होंने अपने रिपोर्ट में नहीं किया।

कहा कि कोटेदार द्वारा मासिक रजिस्टर चेक नहीं कराया जाता। इसके बाद 25 अक्टूबर को दुकान को निलंबित कर दिया। उन्होंने आरओ मनोज सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि दुकान को निलंबित किए जाने के बाद आरओ मनोज सिंह ने बिना स्थलीय निरीक्षण किए, एसी में बैठे-बैठे ही रिपोर्ट पर साइन करते हुए दुकान को निरस्त कर दिया। कहा कि गांव के पूर्व कोटेदार विनोद यादव की दुकान को कालाबाजारी में निरस्त किया गया था और सारे मानक ताक पर रखते हुए उन्हीं की पत्नी को दुकान एलॉट की गई थी। इसके बाद जब माया पांडेय को दुकान मिली तो पूर्व कोटेदार ने ही साजिश करते हुए फर्जी शिकायत कराई और हमारे कोटे को निरस्त करा दिया। उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच के साथ कार्रवाई की मांग की है।