गाजीपुर-042 घंटे बाद मिला युवक का शव

गाजीपुर-42 घंटे तक परिवार के रोने बिलखने के बाद अंततः बेसो मे डूबे युवक का शव ढुढने मे एनडीआरएफ को सफलता मिली।

बेसो नदी में कूदकर आत्महत्या करने वाले वृंदावन निवासी युवक का शव एनडीआरएफ की टीम ने करीब 42 घण्टे बाद पानी के अंदर से ढूंढ़ निकाला। झाड़ी में फंसे शव को कड़ी मशक्कत के बाद खर पतवार काटकर बाहर निकाला जा सका। मामला काफी देर तक भुड़कुड़ा और बहरियाबाद थाना क्षेत्र के सीमा विवाद में उलझे रहने के बाद बहरियाबाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। क्षेत्र के वृंदावन (कथकवली मौजा) निवासी स्व. अजय सिंह के पुत्र विशाल सिंह आयु 25 वर्ष ने सोमवार की शाम करीब सात बजे तालगांव और मीरपुर के बीच नटवाबीर बाबा मंदिर के पास नदी में छलांग लगा दी थी। उसने यहां पहुंचकर छलका पुल पर बाइक खड़ा करने और मोबाइल रखने के बाद बेसो नदी में छलांग लगाई थी। आत्महत्या की नीयत से बेसो नदी में छलांग लगाते देख आसपास के लोग मौके पर तो जरूर पहुंचे, लेकिन उसे बचाने का प्रयास विफल रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सोमवार की पूरी रात और अगले दिन मंगलवार को सैदपुर से आये गोताखोरों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार को करीब 11 बजे इलाहाबाद से राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम पहुंची। एनडीआरएफ टीम ने काफी दूर-दूर तक उसकी खोजबीन के बाद करीब एक बजे झाड़ियों के बीच उसके शव को ढूंढ़ निकाला। झाड़ियों को काटकर करीब तीन बजे शव पानी से बाहर निकाला जा सका। घटना के बाद से ही बहनें बुलबुल, शिल्पी, सपना और मां सीमा सिंह, बड़े पिता विनोद सिंह, अखिलेश सिंह समेत स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मृतक विशाल सिंह एक दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के पद पर जौनपुर जिले में कार्य करता था। वह अभी अविवाहित था। पिता के निधन के बाद परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी उस पर ही थी। वह इन दिनों काफी कर्ज में डूबा था और यह दबाव झेल नहीं पाया। बहरियाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक ईष्टदेव पाण्डेय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।