जंगीपुर उपचुनाव कौन भारी, आक्रोश या सहानुभूति ?

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गाजीपुर, संविधान की बाध्यता के चलते मात्र 6 माह के लिए हो रहे जंगीपुर विधान सभा का हो रहा उप चुनाव मे प्रत्याशीयो सहित सभी राजनीतिक दल चुनाव के प्रति बहुत गंभीर नही है। 6 माह के लिए भारी-भरकम धन चुनाव मे कोई लगाने के लिये कोई तैयार नही हैं।समाजवादी पार्टी के पंचायत राज मंत्री स्व०कैलाश यादव के असमय मृत्यु से रिक्त हुई सीट पर स्व०मंत्री की पत्नी किस्मति देवी,भासपा से दिनेश मौर्या, कांग्रेस से शैलेश सिह और भाजपा ने अपना पत्ता नही खोला है। बसपा उपचुनाव मे भाग नही लेती है । इस उपचुनाव का सब से रोचक पहलू यह है कि ” विद्युत समस्या को ले कर आन्दोलन कर रहे विधान सभा के लोगों पर पुलिस ने जो बर्बरता दिखाया था, उसे आज भी याद कर लोगो की रूह कांप उठती हैं । स्व०कैलाश के मृत्यु का समाचार सुनकर विधान सभा के लोगो ने दुखी होने बजाय ,एक दुशरे को मिठाई खिला कर खुशी का इजहार किया था। सपा के लोग की चुनावी रणनीति अधिक से अधिक लोगों की सहानुभूति बटोर कर चुनाव जितने की है। अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि ” सहानुभूति पर आक्रोश भारी पडता हैं या आक्रोश पर सहानुभूति भारी पडती है।

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